देहरादून। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (युकॉस्ट) के झाझरा स्थित आंचलिक विज्ञान केंद्र में शुक्रवार को दो दिवसीय ‘नवाचार महोत्सव 2026’ का भव्य आगाज हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने बतौर मुख्य अतिथि किया। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव नितेश कुमार झा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। यह महोत्सव प्रदेश के युवाओं, शोधकर्ताओं और नवाचारियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मानव जीवन के अनिवार्य हिस्से बन चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि भविष्य की चुनौतियों का समाधान केवल वैज्ञानिक सोच और निरंतर नवाचार से ही संभव है। उन्होंने युवाओं से अपनी जिज्ञासा को रचनात्मकता में बदलने की अपील की। सचिव नितेश कुमार झा ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की और कहा कि सरकार राज्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यूकॉस्ट के महानिदेशक दुर्गेश पंत ने महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य स्थानीय स्टार्टअप्स और विद्यार्थियों के नए विचारों को एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों ने परिसर में निर्माणाधीन ‘साइंस सिटी’ के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने यूकॉस्ट की विभिन्न आधुनिक सुविधाओं जैसे सामुदायिक रेडियो स्टेशन ‘विज्ञान वाणी’, जैव विविधता पार्क, हाइड्रोपोनिक सेटअप, जल प्रयोगशाला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब का अवलोकन कर वहां की कार्यप्रणाली को समझा।
महोत्सव के पहले दिन दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। पहली चर्चा ‘विज्ञान एवं नवाचार में महिलाएं’ विषय पर हुई, जिसमें रीमा पंत, मीनाक्षी खाती, हिमानी गोस्वामी और नमिता टम्टा ने भाग लिया। इन महिला उद्यमियों ने अपनी सफलता की कहानियों से छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया। दूसरी चर्चा में सौर वैज्ञानिक भुवन जोशी, अजय रावत और पीयूष गोयल ने विज्ञान आधारित स्टार्टअप्स में निवेश और बैंकिंग सहयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों के लिए महोत्सव में कई तरह की रोचक प्रतियोगिताएं रखी गई हैं, जिनमें रंगोली, नाटक, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण और मॉडल मेकिंग शामिल हैं। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और स्टेम (STEM) शिक्षा पर व्यावहारिक कार्यशालाएं भी लगाई गईं। यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डी.पी. उनियाल ने बौद्धिक संपदा अधिकार और करियर मार्गदर्शन पर एक विशेष सत्र लिया।
इस महोत्सव में उत्तराखंड और नेपाल सहित विभिन्न क्षेत्रों के 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रमुख संस्थानों जैसे सार्क एजुकेशन नेपाल, हिमज्योति पब्लिक स्कूल, सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल और उत्तरांचल विश्वविद्यालय के छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। यह आयोजन वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और उद्यमियों को एक साझा मंच पर लाकर राज्य की तकनीकी प्रगति को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।
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