देहरादून 15 अप्रैल, 2026 (सू. ब्यूरो)
नई दिल्ली में प्रस्तावित संविधान संशोधन और परिसीमन को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह पहल महिला आरक्षण से जुड़ी नहीं, बल्कि सत्ता संतुलन बदलने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति अपनाई जा रही है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण कानून का पूर्ण समर्थन करती है, जिसे वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित कर संविधान का हिस्सा बनाया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रस्ताव का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त करना नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों को अपने पक्ष में करना है। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि इससे पिछड़े वर्ग, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जाति जनगणना के आंकड़ों की अनदेखी की जा रही है और दक्षिण, पूर्वोत्तर तथा छोटे राज्यों के हितों को नुकसान पहुंच सकता है। उनके मुताबिक किसी भी स्थिति में क्षेत्रीय संतुलन के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उधर, संसद के विशेष सत्र से पहले इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सरकार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर लगभग 850 करने की योजना पर विचार कर रही है, ताकि महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। इसके साथ ही राज्य विधानसभाओं में भी 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की तैयारी है।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए सामूहिक विरोध का संकेत दिया है। उनका कहना है कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसके क्रियान्वयन के तरीके को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं।
pls read: Uttarakhand: नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण को नई दिशा देने पर जोर