कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी है। इस कड़ी में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जब टीम ने भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर भारी मात्रा में नकदी और प्रतिबंधित नशीले पदार्थ ‘चिट्टा’ के साथ दो युवकों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक पंजाब और दूसरा कर्नाटक का रहने वाला है, जो देवभूमि के शांत वातावरण में नशे का जहर घोलने का प्रयास कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, एसटीएफ कुल्लू की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर वीरवार को भुंतर-मणिकर्ण सड़क पर सियुंड के पास रणनीतिक नाकाबंदी की थी। इस दौरान मणिकर्ण की ओर से आ रही एक टैक्सी को संदेह के आधार पर रोका गया। टैक्सी में सवार दो युवकों की गतिविधियों को संदिग्ध पाकर जब उनकी और वाहन की गहन तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम दंग रह गई। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 5.34 ग्राम चिट्ठा और 91,500 रुपये की नकद राशि बरामद की गई। पुलिस का मानना है कि यह भारी-भरकम नकदी नशे की बिक्री से ही एकत्रित की गई थी।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय अमरजीत सिंह और 29 वर्षीय सुशांत के रूप में हुई है। अमरजीत सिंह पंजाब के अमृतसर जिले के सुल्तानविंड रोड स्थित न्यू कपूर नगर का निवासी है, जबकि सुशांत कर्नाटक के बेंगलुरु जिले के कुलशेखर क्षेत्र का रहने वाला है। इतनी दूर के राज्यों से आकर हिमाचल में नशे की तस्करी में शामिल होना पुलिस के लिए जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये युवक किसी बड़े अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट का हिस्सा हैं।
इस मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए भुंतर थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पकड़े गए दोनों युवकों से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है ताकि नशे की इस खेप के मुख्य स्रोत तक पहुंचा जा सके। पुलिस यह भी जानना चाहती है कि ये युवक चिट्टा कहां से खरीद कर लाए थे और मणिकर्ण या भुंतर के किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जानी थी। इसके अलावा, उनके पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
स्पेशल टास्क फोर्स के डीएसपी हेम राज वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि कुल्लू पुलिस और एसटीएफ नशे के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि नशे के काले कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही रसूखदार क्यों न हो। पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य कुल्लू जिले को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है और युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालना है।
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