हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने टीजीटी नॉन मेडिकल के 343 पदों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। यह परीक्षा पोस्ट कोड 25002 के तहत आयोजित की गई थी, जिसका इंतजार प्रदेश के हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से कर रहे थे। आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा का आयोजन पिछले वर्ष 25 से 27 दिसंबर तक कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के माध्यम से किया गया था। अब परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नतीजा देख सकते हैं।
परिणाम घोषित होने के साथ ही आयोग ने आगामी भर्ती प्रक्रिया की रूपरेखा भी स्पष्ट कर दी है। राज्य चयन आयोग के सचिव विक्रम महाजन ने बताया कि स्क्रीनिंग टेस्ट की मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले सफल उम्मीदवारों के लिए अब दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह महत्वपूर्ण चरण 16 मार्च से हमीरपुर स्थित आयोग के कार्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेज सत्यापन का एक विस्तृत और क्रमानुसार कार्यक्रम जल्द ही अलग से जारी किया जाएगा, जिसमें रोल नंबर के आधार पर तिथियों का उल्लेख होगा।
अभ्यर्थियों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए आयोग ने कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। सचिव ने निर्देश दिया है कि जो भी उम्मीदवार इस प्रक्रिया के लिए पात्र पाए गए हैं, उन्हें सत्यापन के समय अपने सभी आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेजों और अन्य प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियों को अपने साथ लाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को अपने दस्तावेजों की फोटो प्रतियों के दो-दो स्व-हस्ताक्षरित सेट और एक वैध पहचान पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी अपने मूल प्रमाणपत्र दिखाने में विफल रहता है, तो उसकी पात्रता पर संकट आ सकता है।
आयोग ने उम्मीदवारों को समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने की चेतावनी भी दी है। विक्रम महाजन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि निर्धारित तिथि और समय पर अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को बाद में दस्तावेज सत्यापन के लिए कोई अन्य अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। ऐसे उम्मीदवारों का चयन निरस्त माना जा सकता है। आयोग ने सभी सफल अभ्यर्थियों को यह सलाह भी दी है कि वे भविष्य की सूचनाओं और विस्तृत शेड्यूल के लिए नियमित अंतराल पर आयोग की आधिकारिक वेबसाइट को देखते रहें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या सूचना के अभाव से बचा जा सके।
यह पूरी चयन प्रक्रिया प्रदेश सरकार की पारदर्शी भर्ती नीति का हिस्सा है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा के सफल आयोजन और त्वरित परिणाम के बाद अब दस्तावेज सत्यापन के माध्यम से योग्य शिक्षकों का चयन कर प्रदेश के स्कूलों में रिक्त पदों को भरने का मार्ग प्रशस्त होगा। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा मौका है कि वे अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सभी औपचारिकताओं को समय रहते पूरा कर लें।
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