फाजिल्का। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के किसानों के हित में एक और बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पंजाब मंत्रिमंडल ने अब उन किसानों को भी मुआवजे के दायरे में शामिल करने पर अपनी मुहर लगा दी है, जो सरकारी जमीनों पर खेती कर रहे हैं। इस फैसले से विशेष रूप से उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जो लंबे समय से इन जमीनों पर मेहनत कर अपना जीवनयापन कर रहे थे, लेकिन तकनीकी कारणों से अब तक किसी भी सरकारी सहायता या मुआवजे से वंचित रहते थे।
विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने सरकार के इस निर्णय का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिलों की बॉर्डर पट्टी पर स्थित ‘कच्ची जमीनों’ पर खेती करने वाले किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी। विधायक ने बताया कि बॉर्डर क्षेत्र के ये किसान पिछले कई वर्षों से इन सरकारी जमीनों पर फसलें उगाकर अपना और अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं। चूंकि इन जमीनों के दस्तावेज उनके नाम पर नहीं थे, इसलिए इन्हें स्थानीय भाषा में ‘कच्ची जमीन’ कहा जाता है।
पूर्व की समस्याओं का उल्लेख करते हुए जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि सीमावर्ती जिला फाजिल्का में जब भी बाढ़ या अन्य कोई प्राकृतिक आपदा आती थी, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता था। ऐसी स्थिति में जिन किसानों के पास अपनी निजी जमीन होती थी, उन्हें तो सरकार से मुआवजा मिल जाता था, लेकिन कच्ची जमीनों पर खेती करने वाले किसान मुआवजे की सूची से बाहर रह जाते थे। उन्हें अपनी बर्बाद फसलों के बदले कोई सहायता नहीं मिल पाती थी, जिससे उनकी आर्थिक कमर टूट जाती थी।
अब भगवंत सिंह मान सरकार ने इस भेदभाव को खत्म करते हुए इन किसानों को भी मुआवजे के दायरे में लाने का साहसिक फैसला किया है। विधायक ने इस सराहनीय कदम के लिए मुख्यमंत्री और पूरी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय दर्शाता है कि वर्तमान सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति और विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों के प्रति कितनी संवेदनशील है।
किसानों को बधाई देते हुए विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह कार्यशील है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। वे पूरी मेहनत और लगन के साथ अपनी जमीनों पर खेती करें और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएं। सरकार ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि भविष्य में यदि कोई प्राकृतिक संकट आता है, तो इन किसानों को भी सरकार द्वारा घोषित मुआवजा दिया जाएगा और उन्हें उनका पूरा हक मिलेगा। यह फैसला राज्य के कृषि क्षेत्र और किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
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