नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण स्थिति बेहद विस्फोटक हो गई है। इसे देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीयों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं और किसी भी समय सैन्य कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
भारतीय दूतावास ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द ईरान से निकल जाएं। इसके साथ ही, जो लोग वर्तमान में ईरान में ही रुक रहे हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से दूतावास में अपना पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए दूतावास ने कई हेल्पलाइन नंबर भी सार्वजनिक किए हैं। भारतीय नागरिक सहायता के लिए +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359 पर संपर्क कर सकते हैं।
दूतावास ने विशेष रूप से भारतीय नागरिकों और पीआईओ (PIO) को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्हें विरोध प्रदर्शनों वाली जगहों से दूर रहने और किसी भी तरह की भीड़ का हिस्सा न बनने को कहा गया है। इसके अलावा, भारतीयों को स्थानीय मीडिया और समाचारों के जरिए पल-पल बदलते घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखने और भारतीय दूतावास के अधिकारियों के निरंतर संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार ने इससे पहले जनवरी में भी एक इसी तरह की चेतावनी जारी की थी, जब अयातुल्ला खामेनेई की सरकार प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरत रही थी।
युद्ध की आशंकाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई चौंकाने वाले दावे किए जा रहे हैं। पूर्व सीआईए अधिकारी जान किरियाकोऊ ने एक पॉडकास्ट के दौरान दावा किया है कि अमेरिका सोमवार या मंगलवार से ही ईरान पर सैन्य हमला शुरू कर सकता है। जान किरियाकोऊ का मानना है कि भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को 10 दिन का समय देने की बात कही हो, लेकिन वे शायद ही इस समय सीमा का इंतजार करें। उनके अनुसार, व्हाइट हाउस के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि हमले की पूरी रणनीति तैयार की जा चुकी है और अमेरिकी सेना किसी भी क्षण कार्रवाई के लिए तैयार है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस भीषण तनाव ने न केवल खाड़ी देशों बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य फिलहाल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें संभावित युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकालना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों को दूतावास के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।