US: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को बताया अवैध – The Hill News

US: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को बताया अवैध

नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को ‘अवैध’ घोषित करने के ऐतिहासिक फैसले के बाद भारतीय निर्यातकों के लिए उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। व्यापार विशेषज्ञों और निर्यातकों के अनुसार, अब 24 फरवरी 2026 से अमेरिका में आयात होने वाले भारतीय सामानों पर केवल 10 प्रतिशत का अस्थायी ‘इंपोर्ट सरचार्ज’ लागू होगा। यह निर्णय ट्रंप प्रशासन के आर्थिक एजेंडे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से दिए गए अपने फैसले में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ गैर-कानूनी थे। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने फैसले में लिखा कि राष्ट्रपति ने इतने बड़े लेवी लगाकर अपने संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग किया है। इस न्यायिक हस्तक्षेप के बाद ट्रंप को अपनी टैरिफ नीति में बदलाव करना पड़ा है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (FIEO) के महानिदेशक अजय सहाय ने इस बदलाव की व्याख्या करते हुए बताया कि पूर्व में भारत को बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। अगस्त में अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया था और रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण 25 प्रतिशत का दंड स्वरूप शुल्क और जोड़ दिया गया था, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुँच गया था। हालांकि, फरवरी की शुरुआत में हुई एक अंतरिम ट्रेड डील के बाद इसे घटाकर 18 प्रतिशत किया गया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रभावी आयात शुल्क अस्थायी रूप से घटकर केवल 10 प्रतिशत रह जाएगा।

यह 10 प्रतिशत का अस्थायी सरचार्ज अमेरिका में लागू मौजूदा ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) ड्यूटी के अतिरिक्त होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी भारतीय उत्पाद पर पहले से 5 प्रतिशत ड्यूटी लगती है, तो अब उस पर कुल 15 प्रतिशत शुल्क लगेगा, जो कि पहले की 30-50 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है।

थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने सुझाव दिया है कि नई परिस्थितियों को देखते हुए भारत को अमेरिका के साथ अपनी अंतरिम ट्रेड डील पर फिर से विचार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। साल 2024-25 के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 186 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है और भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत है।

ट्रंप ने अब जिस नए घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, उसके तहत यह 10 प्रतिशत शुल्क 24 फरवरी की आधी रात से 150 दिनों के लिए प्रभावी होगा। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि अमेरिका 1.2 ट्रिलियन डॉलर के भारी व्यापार घाटे से जूझ रहा है, जिसे संतुलित करने और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए यह अस्थायी कदम उठाना आवश्यक है। भारतीय निर्यातकों के लिए यह राहत वैश्विक बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

 

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