चंडीगढ़। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य में जारी अपने अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। ब्यूरो की टीम ने होशियारपुर जिले के अट्टोवाल स्थित पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के उपमंडल कार्यालय में तैनात लाइनमैन बलवीर सिंह उर्फ फौजी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी को एक स्थानीय निवासी से 5,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए मौके पर ही दबोचा गया।
विजिलेंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह गिरफ्तारी होशियारपुर जिले के गांव तनूली निवासी एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता, जो पेशे से किसान है, ने अपने घर के बिजली मीटर से आ रही तार के रास्ते को बदलने के लिए विभाग में आवेदन किया था। इस कार्य के संबंध में जब वह लाइनमैन बलवीर सिंह से मिला, तो आरोपी ने तार का मार्ग बदलने के बदले में 5,000 रुपये की अवैध रिश्वत की मांग की।
सतर्कता बरतते हुए शिकायतकर्ता ने लाइनमैन द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पूरी बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और इसकी जानकारी विजिलेंस ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने तथ्यों की प्राथमिक जांच की और शिकायत को सही पाया। इसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया गया।
योजना के अनुसार, जैसे ही आरोपी लाइनमैन बलवीर सिंह ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि के रूप में 5,000 रुपये प्राप्त किए, विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई दो आधिकारिक गवाहों की उपस्थिति में संपन्न हुई ताकि कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। विजिलेंस की टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है।
इस भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी बलवीर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला विजिलेंस ब्यूरो के मोहाली स्थित पुलिस स्टेशन में पंजीकृत किया गया है। ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की अगली जांच जारी है। पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।