झज्जर। बादली थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक खाली रजवाहे में मिली युवती की लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मर्डर मिस्ट्री के पीछे किसी बाहरी अपराधी का हाथ नहीं, बल्कि एक पति के बीमार शक की खौफनाक कहानी सामने आई है। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) पति अंशुल ने अपनी बैंकर पत्नी महक की हत्या महज इसलिए कर दी क्योंकि उसे अपनी पत्नी का सहकर्मियों से बात करना पसंद नहीं था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस जांच और पूछताछ के दौरान जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। मृतका महक गुरुग्राम में एक बैंक में कार्यरत थी। आरोपित पति अंशुल को यह शक था कि वह कार्यालय के सहकर्मियों के साथ फोन पर अधिक बातचीत करती है। इस असुरक्षा और गुस्से में अंधे होकर उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की पूरी योजना तैयार की। थाना प्रभारी सुरेश हुड्डा ने बताया कि आरोपी ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए वारदात को बड़ी ही शातिर तरीके से अंजाम दिया था।
हत्या की साजिश इतनी सोची-समझी थी कि आरोपी ने वारदात के समय हाथों में दस्ताने पहने थे ताकि किसी भी स्थान पर उसके फिंगरप्रिंट्स न आएं। बीती 15 फरवरी की रात जब वे हिसार से गुरुग्राम की ओर जा रहे थे, तब अंशुल अपने साथ एक कैंची लेकर चला था। रास्ते में सुनसान जगह देखकर उसने कैंची से महक के गले पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद उसने खुद को बेगुनाह दिखाने के लिए एक नाटक रचा। उसने अपनी गाड़ी घटनास्थल के पास ही खड़ी की और शोर मचाया कि उन पर बदमाशों ने हमला कर दिया है। उसने खुद को थोड़ा चोटिल भी दिखाया ताकि लुटेरों की कहानी असली लगे।
हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस और डायल 112 की टीम को अंशुल की कहानी में कई झोल नजर आए। उसके बयानों में विरोधाभास और घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस के संदेह को पुख्ता कर दिया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो सीए पति टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि उसने शक के चलते ही अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारा और फिर बदमाशों के हमले का फर्जी ड्रामा रचा।
महक के परिजनों के लिए यह खुलासा किसी वज्रपात से कम नहीं है। परिजनों का कहना है कि उन्हें कभी इस बात का अंदेशा नहीं हुआ कि अंशुल के मन में इतना जहर भरा है। पिछले कुछ महीनों में उनके व्यवहार में ऐसी कोई कड़वाहट नहीं दिखी थी। पुलिस अब रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस जघन्य अपराध में अंशुल के साथ कोई और भी शामिल था या उसने अकेले ही इसे अंजाम दिया। इस घटना ने वैवाहिक रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और हिंसक प्रवृत्तियों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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