अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में नशा तस्करों के विरुद्ध प्रशासन ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को अमृतसर नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने सुल्तानविंड रोड पर स्थित नशा तस्करों की एक विशाल अवैध संपत्ति को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत की गई है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना है जो मादक पदार्थों की तस्करी के जरिए काली कमाई कर समाज को खोखला कर रहे हैं।
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इस अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ढहाई गई यह इमारत तीन भाई-बहनों के नाम पर दर्ज थी। इन आरोपियों की पहचान अनमोल (34 वर्ष), सोनिया (24 वर्ष) और गगनदीप सिंह उर्फ गोरा (25 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस की गहन जांच में यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि इस संपत्ति का निर्माण किसी वैध आय के स्रोत से नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित धन के माध्यम से किया गया था। प्रशासन की इस कार्रवाई के समय भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
इन तीनों भाई-बहनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे अमृतसर कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में दर्ज नशा तस्करी के कई मामलों में नामजद आरोपी हैं। इनके खिलाफ कानूनी शिकंजा उस समय और कस गया जब थाना बी-डिवीजन में उनके विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए। रिकॉर्ड के अनुसार, अनमोल और गगनदीप सिंह के खिलाफ 9 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि उनकी बहन सोनिया पर पिछले साल 18 अगस्त को नशा तस्करी का केस दर्ज हुआ था। पुलिस लंबे समय से इनके वित्तीय नेटवर्क और संपत्तियों की जांच कर रही थी।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इस अवसर पर आम जनता से भी समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के साथ-साथ जनता का सहयोग भी अपराधियों को खत्म करने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने स्थानीय निवासियों से आग्रह किया कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या नशा बेचने वाला गिरोह सक्रिय है, तो वे निडर होकर इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं।
कमिश्नर ने एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गैंगस्टरों और बड़े नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस का सहयोग करने वाले जागरूक नागरिकों को पंजाब सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की इनाम राशि दी जाएगी। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम, पता और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का खतरा न हो। भगवंत मान सरकार की इस सख्त कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि राज्य में नशे के सौदागरों के लिए कोई स्थान नहीं है और उनकी अवैध रूप से बनाई गई हर संपत्ति पर इसी तरह प्रशासन का पीला पंजा चलेगा। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भाव बढ़ा है।