China: चीन के अत्याधुनिक विमानवाहक पोत फुजियान ने दिखाया दम – The Hill News

China: चीन के अत्याधुनिक विमानवाहक पोत फुजियान ने दिखाया दम

नई दिल्ली। चीन ने अपने तीसरे और अब तक के सबसे उन्नत विमानवाहक पोत ‘फुजियान’ की अभूतपूर्व क्षमताओं का प्रदर्शन कर दुनिया को अपनी बढ़ती नौसैनिक शक्ति का अहसास कराया है। इस पोत की सबसे बड़ी विशेषता इस पर लगा ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापुल्ट सिस्टम’ है, जिसकी मदद से फाइटर जेट्स को मात्र कुछ ही सेकंड के भीतर लॉन्च करना और सुरक्षित रूप से रोकना संभव हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक चीन की समुद्री युद्धक क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाएगी।

ग्लोबल टाइम्स और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन का यह नया सिस्टम अमेरिकी नौसेना के गेराल्ड आर. फोर्ड क्लास कैरियर में इस्तेमाल होने वाली तकनीक के समान है। अब तक के विमानवाहक पोत पारंपरिक ‘स्टीम कैटापुल्ट’ (भाप से चलने वाले सिस्टम) का उपयोग करते थे, लेकिन फुजियान पर लगा ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम’ (EMALS) एक बड़ा तकनीकी अपग्रेड है। यह न केवल अधिक शक्तिशाली है, बल्कि हल्के और भारी दोनों तरह के विमानों को लॉन्च करने के लिए इसे आसानी से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी और कुछ वीडियो दावों के अनुसार, इस नए सिस्टम ने अपनी विस्मयकारी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए 170 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ रहे 30 टन वजनी फाइटर जेट को महज 0.2 सेकंड में रोकने में सफलता पाई है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन यदि यह सच है, तो यह मौजूदा तकनीकों से कई गुना तेज है। सामान्य तौर पर आधुनिक अरेस्टिंग सिस्टम विमान को रोकने के लिए 2 से 3 सेकंड का समय लेते हैं।

चीन ने इस प्रणाली का परीक्षण अपने जे-35 स्टील्थ फाइटर जेट, जे-15टी हेवी फाइटर जेट और केजे-600 अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट के साथ किया है। इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह इजेक्शन फोर्स को बहुत सटीक तरीके से नियंत्रित करती है। इससे कैरियर-आधारित विमान अपने साथ अधिकतम ईंधन और भारी हथियारों का भार लेकर भी बहुत कम दूरी के रनवे से सफलतापूर्वक उड़ान भर सकते हैं।

यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापुल्ट सिस्टम न केवल विमानों की उड़ान प्रक्रिया को सुगम बनाता है, बल्कि विमानों के बार-बार उड़ान भरने की क्षमता (सॉर्टी एफिशिएंसी) को भी बढ़ा देता है। इससे युद्ध की स्थिति में विमानवाहक पोत की समग्र आक्रमण शक्ति और सक्रियता कई गुना बढ़ जाती है। चीनी नौसेना के लिए यह तकनीक एक ‘गेम-चेंजर’ साबित हो रही है, जो उसे वैश्विक समुद्री कूटनीति और सैन्य शक्ति संतुलन में एक मजबूत दावेदार के रूप में खड़ा करती है। इस प्रदर्शन ने सैन्य विशेषज्ञों के बीच चीन की बढ़ती स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

 

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