देहरादून। परमेंद्र डोबाल ने राजधानी देहरादून के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के रूप में अपना कार्यभार विधिवत रूप से संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने जिले की सुरक्षा और पुलिसिंग को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके कार्यकाल में पुलिस का मुख्य फोकस कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने, शहर की जटिल ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने और महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने पर रहेगा। डोबाल ने असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग क्षेत्र के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, पुलिस उनके विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी और उन्हें किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
सुरक्षा चुनौतियों का जिक्र करते हुए परमेंद्र डोबाल ने एक महत्वपूर्ण बिंदु की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल देहरादून ही नहीं, बल्कि समूचे उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय बदलाव हुए हैं। इन परिवर्तनों के कारण अपराध की प्रकृति और अपराधियों के छिपने के तरीकों में भी बदलाव आया है। एसएसपी ने स्वीकार किया कि कई बार अनजाने में हुई चूक या पर्याप्त ध्यान न दिए जाने के कारण अपराधी किस्म के लोग कानून की गिरफ्त से बचने में सफल हो जाते हैं। उन्होंने इस खामी को दूर करने और पुलिस के खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय करने की आवश्यकता पर बल दिया।
आगामी कार्ययोजना के संबंध में परमेंद्र डोबाल ने स्पष्ट किया कि जिले में बाहरी व्यक्तियों और संदिग्धों के विरुद्ध सत्यापन अभियान को अब और अधिक तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सत्यापन की प्रक्रिया को केवल औपचारिक नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि इसे और अधिक सघन, व्यापक और परिणामोन्मुखी बनाया जाएगा। सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में छिपे हुए संदिग्धों और अपराधियों की पहचान करना है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से पहले ही रोका जा सके। इसके लिए उन्होंने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
परमेंद्र डोबाल ने कहा कि पुलिस का मूल उद्देश्य जनता के भीतर सुरक्षा की सच्ची भावना पैदा करना और अपराधियों के मन में कानून का खौफ स्थापित करना है। उन्होंने यातायात व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव के बीच सुगम यातायात सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है, जिसके समाधान के लिए नए सिरे से प्रभावी मैनेजमेंट प्लान लागू किया जाएगा। महिला सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दे पर उन्होंने पुलिस बल को अधिक सक्रिय होने और शिकायतों पर बिना देरी के कार्यवाही करने के आदेश दिए। नए कप्तान के इन तेवरों से स्पष्ट है कि राजधानी की पुलिसिंग में अब बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेंगे।
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