चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए दो वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों से कार्यमुक्त होकर नई तैनाती पर तुरंत कार्यभार ग्रहण करें, ताकि महत्वपूर्ण विभागीय परियोजनाओं और सरकारी कामकाज का संचालन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
इस प्रशासनिक फेरबदल के अंतर्गत 2011 बैच के आईएएस अधिकारी गिरीश दयालन को एक बड़ी और अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। गिरीश दयालन वर्तमान में पंजाब के सहकारिता विभाग में रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ ही, वे पहले से ही पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) और पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के प्रबंध निदेशक जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। अब राज्य सरकार ने उनकी कार्यक्षमता पर विश्वास जताते हुए उन्हें प्रदेश की प्रतिष्ठित संस्था ‘मार्कफेड’ के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया है। गिरीश दयालन अब इन सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए मार्कफेड की कमान संभालेंगे।
वहीं, 2014 बैच की आईएएस अधिकारी प्रीति यादव को नई तैनाती दी गई है। प्रीति यादव अब तक मार्कफेड की प्रबंध निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। सरकार ने उन्हें अब रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग में विशेष सचिव के पद पर नियुक्त किया है। प्रीति यादव का नया दायित्व राज्य में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तलाशने और उन्हें आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की सरकारी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके अनुभव का लाभ अब सीधे तौर पर रोजगार सृजन जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्र को मिलेगा।
राज्य सरकार द्वारा किए गए इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक तंत्र में अधिक गतिशीलता लाना और प्रमुख सहकारी व विकासात्मक संस्थाओं के प्रदर्शन में सुधार करना है। गिरीश दयालन को मार्कफेड का जिम्मा सौंपना सहकारिता क्षेत्र की कड़ियों को आपस में मजबूती से जोड़ने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दोनों ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी नई भूमिकाओं में पारदर्शिता और तत्परता के साथ कार्य करें। प्रशासन को उम्मीद है कि इन बदलावों से संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे और जनहित की योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा।
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