देहरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में स्मार्ट मीटर के फायदे बताने पहुंची टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। देहरा के नैहरनपुखर में मंगलवार को जब निजी कंपनी और बिजली बोर्ड के अधिकारी उपभोक्ताओं को जागरूक करने पहुंचे, तो वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। लोगों के कड़े तेवर और नारेबाजी को देखकर अधिकारियों की टीम को अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर वहां से उल्टे पांव लौटना पड़ा।
जागरूकता कार्यक्रम अभी शुरू ही हुआ था कि ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर आरोप था कि ये स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि निजी कंपनियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए लगाए जा रहे हैं। लोगों का तर्क था कि इन मीटरों के लगने से आम जनता की परेशानियां बढ़ेंगी और बिजली का बिल भी पहले के मुकाबले काफी ज्यादा आएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल दयाल पंचायत की पूर्व प्रधान सविता ठाकुर ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी जनता के सवालों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के कर्मचारी लोगों की बिना किसी अनुमति और सहमति के गुपचुप तरीके से मीटर बदल रहे हैं। उन्होंने इसे बिजली बोर्ड को निजी हाथों में सौंपने की साजिश करार दिया। इसी प्रकार पूर्व बीडीसी सदस्य सतीश ठाकुर ने कहा कि मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं को भरोसे में नहीं लिया जा रहा है और कई बार तो घर के मालिक की अनुपस्थिति में ही मीटर बदल दिए जाते हैं।
स्मार्ट मीटर के कारण बढ़ रहे आर्थिक बोझ का उदाहरण देते हुए बढ़हूं पंचायत के निवासी उदय पंडित ने बताया कि उनकी दुकान में पहले ही स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि पहले उनका बिजली बिल 300 से 400 रुपये के बीच आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद इस महीने का बिल 1700 रुपये से अधिक आया है, जबकि बिजली की खपत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लोगों के बढ़ते आक्रोश और इस तरह के उदाहरणों को देखते हुए बिजली बोर्ड की टीम को वहां से निकलना ही बेहतर लगा।
दूसरी ओर, कंपनी के प्रतिनिधि नवीन वशिष्ठ ने बचाव करते हुए कहा कि बदलते समय की तकनीक के अनुसार मीटर बदले जा रहे हैं और इससे बिजली आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, बिजली बोर्ड परागपुर के सहायक अभियंता विक्रमजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि विभाग सरकार के आदेशों का पालन कर रहा है और उपभोक्ताओं को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में रविंद्र शर्मा, विनोद ठाकुर, अमित रणौत, रंजना शर्मा और संतोष देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि वे अपने क्षेत्र में स्मार्ट मीटर किसी भी कीमत पर नहीं लगने देंगे।