शाहजहांपुर। दहेज की वेदी पर एक और बेटी की जिंदगी संकट में पड़ गई है। शादी के 16 साल बीत जाने के बाद भी लक्ष्मी का उत्पीड़न कम नहीं हुआ। ससुराल वाले लगातार कम दहेज का उलाहना देकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। आरोप है कि चार फरवरी को मारपीट करने के बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद से लक्ष्मी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से आहत होकर उसकी मां मिथलेश सोमवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के सामने जनसुनवाई में बिलख पड़ीं।
लक्ष्मी की मां मिथलेश, जो जलालाबाद के शाहपुर भुड़िया गांव की रहने वाली हैं, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी जैतीपुर के जिगनिया गांव निवासी राजेश के साथ हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के पहले दिन से ही ससुराल पक्ष ने लक्ष्मी को दहेज के लिए तंग करना शुरू कर दिया था। आए दिन उसके साथ मारपीट की जाती थी। परिजनों ने कई बार इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला। चार फरवरी की घटना का जिक्र करते हुए मां ने कहा कि बेटी को बेरहमी से पीटने के बाद उसे घर से निकाल दिया गया, जिसकी सूचना उन्हें बड़ी बेटी से मिली।
पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि लक्ष्मी के लापता होने के अगले ही दिन उनके बेटे उपेंद्र ने पुलिस को लिखित तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस उस शिकायत को दबाकर बैठ गई और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मिथलेश के पति ऋषिपाल सिंह का देहांत हो चुका है और अब वे अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका से बेहद डरी हुई हैं। जिलाधिकारी के सामने फफकते हुए उन्होंने गुहार लगाई कि उनकी बेटी को जल्द से जल्द बरामद किया जाए।
जनसुनवाई में महिला का दुख देखकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल एएसपी ग्रामीण दिक्षा भंवरे को इस प्रकरण की जांच करने और लापता लक्ष्मी की बरामदगी के लिए कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हुआ है। वहीं, दूसरी ओर जैतीपुर के प्रभारी निरीक्षक प्रिंस शर्मा का कहना है कि सात फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी और पुलिस की टीमें महिला की तलाश में जुटी हुई हैं। अब देखना यह है कि पुलिस लक्ष्मी को सुरक्षित ढूंढ पाती है या नहीं।
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