देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने सरकारी आवास पर क्षेत्रीय फिल्म ‘जलमभूमि’ के आधिकारिक पोस्टर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने फिल्म निर्माण से जुड़े कलाकारों और तकनीकी टीम के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माता और निर्देशक के राम नेगी सहित पूरी टीम को इस नई शुरुआत के लिए अपनी ओर से ढेरों शुभकामनाएं और बधाई दी। यह फिल्म आगामी 6 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसे लेकर फिल्म जगत और स्थानीय दर्शकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
पोस्टर विमोचन के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने सिनेमा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘जलमभूमि’ जैसी फिल्में केवल मनोरंजन का जरिया नहीं होतीं, बल्कि ये समाज से जुड़े गहरे और महत्वपूर्ण विषयों को जनता के सामने लाने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई फिल्म सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखकर बनाई जाती है, तो वह समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करने में सफल रहती है। मुख्यमंत्री का मानना है कि सिनेमा के माध्यम से सामाजिक चेतना जागृत होती है और इससे समाज की जड़ों को मजबूती मिलती है।
उत्तराखंड की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थिति पर चर्चा करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह राज्य अपनी अपार प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और विविध सांस्कृतिक विरासत के कारण फिल्म निर्माण के लिए एक उत्कृष्ट और आदर्श स्थल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़, नदियाँ और प्राकृतिक परिदृश्य फिल्म निर्माताओं को वह सब कुछ प्रदान करते हैं, जिसकी तलाश वे अक्सर विदेशों में करते हैं। राज्य सरकार की मंशा उत्तराखंड को देश के सबसे बड़े फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की है, ताकि यहाँ की सुंदरता को पूरी दुनिया देख सके।
फिल्म जगत को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में फिल्म नीति को बेहद प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। फिल्म निर्माताओं को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन का सामना न करना पड़े, इसके लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ की शुरुआत की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से शूटिंग के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां एक ही स्थान से और बहुत ही कम समय में प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुमति की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे बाहर से आने वाले फिल्म निर्माताओं का भरोसा उत्तराखंड के प्रति बढ़ा है।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल फिल्म शूटिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह इसके जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को भी गति देना चाहती है। फिल्म नीति के अंतर्गत शूटिंग पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिसका लाभ वे निर्माता उठा सकते हैं जो स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को अपने प्रोजेक्ट्स में शामिल करते हैं। इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, फिल्म निर्माण से जुड़े छोटे-बड़े कार्यों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पर्यटन क्षेत्र को भी सीधा लाभ पहुँच रहा है।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषद के माध्यम से राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर स्थापित करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में न केवल फीचर फिल्में, बल्कि वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्मों के निर्माण को भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि फिल्म निर्माता यहाँ आकर केवल काम ही न करें, बल्कि यहाँ की संस्कृति और परंपराओं को भी अपनी कहानियों का हिस्सा बनाएं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फिल्म नीति के सफल क्रियान्वयन से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिल रही है। जब किसी फिल्म में उत्तराखंड के लोक संगीत, वेशभूषा और रीति-रिवाजों को दिखाया जाता है, तो इससे पर्यटकों का आकर्षण राज्य की ओर और बढ़ता है। इससे न केवल फिल्म उद्योग फल-फूल रहा है, बल्कि स्थानीय होटल व्यवसाय, परिवहन और हस्तशिल्प को भी एक नई संजीवनी मिल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘जलमभूमि’ जैसी फिल्में क्षेत्रीय सिनेमा के स्तर को ऊंचा उठाएंगी और आने वाले समय में उत्तराखंड से कई बेहतरीन फिल्में राष्ट्रीय पटल पर अपनी चमक बिखेरेंगी।
विमोचन कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने फिल्म ‘जलमभूमि’ की सफलता की कामना की और कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी सिनेमा और कला के क्षेत्र में काम करने वाले रचनात्मक लोगों को हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी। उन्होंने कहा कि रचनात्मक उद्योग किसी भी राज्य की बौद्धिक और आर्थिक प्रगति का अहम हिस्सा होते हैं, और उत्तराखंड सरकार इनके संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम के दौरान विधायक दुर्गेश लाल भी उपस्थित रहे, जिन्होंने फिल्म की टीम का उत्साहवर्धन किया। फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री के इस तरह के प्रोत्साहनों से राज्य में फिल्म निर्माण की गतिविधियों में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और आने वाले वर्षों में उत्तराखंड भारतीय सिनेमा का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। ‘जलमभूमि’ का पोस्टर विमोचन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो स्थानीय फिल्मकारों को वैश्विक सोच के साथ काम करने की प्रेरणा देगा।