फतेहगढ़ साहिब। पंजाब की भगवंत मान सरकार प्रदेश के नागरिकों को विश्वस्तरीय और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। आगामी 22 जनवरी को राज्य सरकार अपनी महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ को औपचारिक रूप से लॉन्च करेगी। इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य हर परिवार को बेहतर इलाज की गारंटी देना है। पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस ऐतिहासिक पहल की जानकारी देते हुए बताया कि अब इलाज के अभाव में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाएगी और न ही गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने योजना के वित्तीय पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए 1,200 करोड़ रुपये का शुरुआती बजट आवंटित किया है। सरकार ने आवश्यकतानुसार इस बजट को 1,500 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का भी प्रावधान रखा है, ताकि भविष्य में धन की कमी के कारण किसी भी मरीज का इलाज न रुके। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मरीजों को इलाज के लिए अस्पतालों के व्यापक विकल्प दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के दायरे में पंजाब के लगभग 650 निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध (लिस्ट) किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य के सभी सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और मेडिकल कॉलेज भी इस योजना में शामिल होंगे। योजना के लाभार्थी इन अस्पतालों में जाकर गंभीर से गंभीर बीमारियों का 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करवा सकेंगे। सरकार ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य के सभी 23 जिलों में ट्रायल कैंप आयोजित कर व्यवस्थाओं की समीक्षा भी शुरू कर दी है।
आम जनता को सुविधा देने के लिए सरकार एक हजार से अधिक आबादी वाले गांवों और शहरी वार्डों में विशेष कैंप आयोजित करेगी। इससे लोगों को अपना हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। हेल्थ कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को सरल रखा गया है, जिसके लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड और बच्चों के लिए आश्रित कार्ड को मान्यता दी गई है। डॉ. बलबीर सिंह ने यह भी जानकारी दी कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत वाले मरीजों के लिए 10 प्रमुख अस्पतालों में विशेष कैंपों की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ-साथ मंत्री ने सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि पंजाब में नशाखोरी के खिलाफ जंग का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। सरकार का संकल्प है कि आम जनता के सहयोग से पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जाए। जो लोग नशे की लत का शिकार हो चुके हैं, उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने और इस घातक आदत से छुटकारा दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि नशे के कारण होने वाली असामयिक मौतों पर रोक लगाई जा सके।
फतेहगढ़ साहिब में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विधायक एडवोकेट लखबीर सिंह राय, एडीसी पूजा सियाल ग्रेवाल, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. सरिता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी और राज्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार की इस पहल से प्रदेश के लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का एक मजबूत कवच प्राप्त होगा।