Punjab: शहीद भगत सिंह के मुकदमे के दुर्लभ रिकॉर्ड वापस लाने के लिए पंजाब सरकार ने ब्रिटिश उच्चायुक्त को लिखा पत्र

चंडीगढ़। पंजाब की धरती के महान सपूतों, शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के संघर्षपूर्ण इतिहास को सहेजने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ी कूटनीतिक पहल की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ब्रिटिश सरकार से उन ऐतिहासिक दस्तावेजों, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को पंजाब को सौंपने की औपचारिक मांग रखी है, जो इन क्रांतिकारियों के मुकदमे की कार्यवाही से जुड़े हैं। वर्तमान में ये दुर्लभ अभिलेख स्कॉटलैंड के एक संग्रहालय और वहां के ऐतिहासिक कानूनी अभिलेखागार में संरक्षित हैं।

भगवंत मान ने ब्रिटिश हाई कमिश्नर को लिखे एक पत्र में स्पष्ट किया है कि ये सामग्री पंजाब के लोगों के लिए केवल सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि उनकी गहरी भावनाओं और ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि भगत सिंह और उनके साथियों से जुड़ी ये रिकॉर्डिंग दुनिया भर के उन विद्वानों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है जो मानवाधिकारों और औपनिवेशिक इतिहास पर शोध करते हैं। पंजाब सरकार इन अभिलेखों का न केवल अकादमिक अध्ययन करना चाहती है, बल्कि इनका डिजिटल संरक्षण कर इन्हें सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए उपलब्ध कराना चाहती है।

सरकार की योजना है कि स्कॉटलैंड से प्राप्त होने वाली इन सामग्रियों को शहीद भगत सिंह नगर जिले के खटकर कलां स्थित “शहीद भगत सिंह विरासत परिसर” में प्रदर्शित किया जाए। खटकर कलां शहीद भगत सिंह का पैतृक गांव है, जहां उनकी याद में एक भव्य संग्रहालय बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि इन दस्तावेजों को उनके मूल स्थान पर वापस लाना साझा इतिहास के प्रति एक बड़ा सम्मान होगा और यह बलिदान व मानवीय गरिमा के सार्वभौमिक आदर्शों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

मुकदमे की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए यह जानकारी सामने आई है कि ब्रिटिश शासन के दौरान जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव पर असेंबली में बम फेंकने के आरोप में मुकदमा चलाया गया था, तब उस समय की कार्यवाही की बकायदा ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी। पंजाब सरकार को इन रिकॉर्डिंग्स के स्कॉटलैंड में होने की पुख्ता जानकारी मिली है। मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश उच्चायुक्त से अनुरोध किया है कि यदि स्कॉटलैंड के संबंधित अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा की जाए और इन सामग्रियों को प्राप्त करने की आवश्यक औपचारिक प्रक्रिया का मार्गदर्शन दिया जाए, तो पंजाब सरकार इसके लिए आभारी रहेगी।

इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के सचिव अभिनव त्रिखा को अधिकृत किया है। अभिनव त्रिखा अब स्कॉटलैंड के अधिकारियों और ब्रिटिश सरकार के साथ संपर्क कर इन दस्तावेजों की मूल प्रतियों या उनके संरक्षण के लिए आवश्यक डिजिटल प्रतियों को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करेंगे। भगवंत मान का यह प्रयास न केवल शहीदों के प्रति एक बड़ी श्रद्धांजलि माना जा रहा है, बल्कि इससे आने वाली पीढ़ियों को आजादी के नायकों के साहस और उस समय की न्याय प्रणाली के वास्तविक दृश्यों से रूबरू होने का मौका मिलेगा। यह कदम पंजाब की समृद्ध क्रांतिकारी विरासत को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा।

 

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