Uttarakhand: गिरधारी लाल साहू की टिप्पणी पर महिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन और थाने में डेरा डालकर धरने पर बैठे हरीश रावत

देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस विवादित बयान के विरोध में महिला कांग्रेस ने सोमवार को देहरादून के डालनवाला थाने में जबरदस्त प्रदर्शन किया और जमकर हंगामा काटा। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मांग है कि गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध न केवल मुकदमा दर्ज किया जाए, बल्कि उन्हें तत्काल गिरफ्तार भी किया जाए। दिनभर चले इस घटनाक्रम में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी खींचतान देखने को मिली।

हंगामे की शुरुआत सोमवार दोपहर करीब 12 बजे हुई, जब महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता डालनवाला थाने जा पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों ने वहां पहुंचकर पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी और गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। यद्यपि पुलिस ने शिकायत लेकर जांच का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेसी कार्यकर्ता इस पर संतुष्ट नहीं हुए और थाना परिसर के भीतर ही धरने पर बैठ गए।

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का प्रयास किया और उन्हें पुलिस वैन में बैठाकर पुलिस लाइन भेज दिया। हालांकि, कांग्रेसियों का जोश कम नहीं हुआ और वे कुछ ही देर बाद वापस डालनवाला थाने पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वैन के जरिए ऋषिकेश तक छोड़ दिया, लेकिन वहां से भी कार्यकर्ता वापस लौट आए और दोबारा थाने पर धरना शुरू कर दिया। इस लुका-छिपी के खेल के बीच देर शाम तक थाना परिसर में गहमागहमी बनी रही।

देर शाम इस प्रदर्शन को उस समय और मजबूती मिली जब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत भी डालनवाला थाने पहुंच गए। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं के प्रति एकजुटता दिखाते हुए उनके साथ धरने पर बैठने का निर्णय लिया। रात गहराने के साथ ही प्रदर्शनकारी थाना परिसर में ही अलाव जलाकर बैठ गए और वहीं अपना डेरा डाल लिया। हरीश रावत की मौजूदगी ने पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती और बढ़ा दी। देर रात तक थाने में नारेबाजी और सरकार विरोधी नारों की गूंज सुनाई देती रही।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार की महिलाओं का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि रसूख के कारण पुलिस गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस मामले में ठोस विधिक कार्रवाई और गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक कांग्रेस का यह आंदोलन थमेगा नहीं। वहीं, दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और कानून के अनुसार उचित कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डालनवाला थाने में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। इस विवाद ने राज्य में एक नया सियासी घमासान छेड़ दिया है।

 

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