बागेश्वर। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की सुबह बागेश्वर जनपद में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.5 दर्ज की गई है। झटके महसूस होते ही लोग सुरक्षा की दृष्टि से अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए और खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े।
वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र बागेश्वर क्षेत्र के भीतर ही 29.93 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.07 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। जमीन के भीतर इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है। यद्यपि तीव्रता बहुत अधिक नहीं थी, लेकिन सुबह के समय आए इन झटकों ने लोगों को डरा दिया। विशेष रूप से ऊंची मंजिलों पर रहने वाले लोगों ने कंपन को स्पष्ट रूप से महसूस किया।
राहत की बात यह है कि इस प्राकृतिक घटना में अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन ने तत्काल हरकत में आते हुए सभी तहसीलों से रिपोर्ट तलब की। तहसीलदारों और पटवारियों से प्राप्त प्राथमिक सूचनाओं के अनुसार, जिले में कहीं भी किसी इमारत के गिरने या किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। कुछ देर की दहशत के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई और लोग अपने दैनिक कार्यों में जुट गए।
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और नियंत्रण कक्ष के माध्यम से पल-पल की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन भविष्य में आने वाली किसी भी संभावित आपदा के प्रति पूरी तरह सतर्क रहें। शिखा सुयाल ने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति या नुकसान की जानकारी मिलने पर नागरिक तुरंत नजदीकी प्रशासनिक कार्यालय या आपदा कंट्रोल रूम को सूचित करें।
ज्ञात हो कि उत्तराखंड का अधिकांश हिस्सा भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील जोन-4 और जोन-5 में आता है। बागेश्वर में आए इन झटकों ने एक बार फिर पहाड़ की भूगर्भीय संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे-छोटे झटके बड़े भूकंप की चेतावनी भी हो सकते हैं, इसलिए निर्माण कार्यों और आपदा प्रबंधन के प्रति गंभीरता बरतना अनिवार्य है। फिलहाल बागेश्वर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।