देहरादून। ऊधमसिंह नगर जनपद के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले ने राज्य सरकार और प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय दिलाने का संकल्प दोहराया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मामले की जांच में किसी भी प्रकार की कोताही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत सुखवंत सिंह के भाई परविंदर सिंह से दूरभाष पर बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परविंदर सिंह के माध्यम से सुखवंत सिंह के पिता और अन्य शोक संतप्त परिजनों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि इस क्षति की पूर्ति किसी भी रूप में संभव नहीं है, लेकिन वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सुखवंत सिंह को मौत के लिए मजबूर करने वाले और मामले में लापरवाही बरतने वाले चेहरों को उनके किए की सख्त सजा मिले।
मुख्यमंत्री ने परिवार को जानकारी दी कि घटना का संज्ञान लेते ही उन्होंने प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों को तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में कुमाऊँ कमिश्नर को इस पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच (मजिस्टीरियल इंक्वायरी) करने के आदेश दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वस्त किया कि जांच की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
बातचीत के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कानून और न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जब भी कोई अप्रिय घटना हुई है, सरकार ने हमेशा तत्परता दिखाते हुए पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने का काम किया है। सुखवंत सिंह प्रकरण में भी वही दृढ़ता दिखाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे जल्द ही स्वयं पीड़ित परिवार से मिलने काशीपुर आएंगे और उनकी हर संभव सहायता सुनिश्चित करेंगे।
ज्ञात हो कि सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने कुछ प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा धोखाधड़ी और पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे। मुख्यमंत्री के कड़े रुख और सीधे हस्तक्षेप के बाद अब इस मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जगी है। सरकार ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि आम नागरिक, विशेषकर किसानों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के प्रति वह पूरी तरह जवाबदेह है। अब सभी की नजरें कुमाऊँ कमिश्नर की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले की कड़ियों को सुलझाएगी।
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