जालंधर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच जालंधर में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के जरिए शासन की एक नई और पारदर्शी मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी शिकायतों को बड़ी आत्मीयता व धैर्य के साथ सुना। इस प्रत्यक्ष संवाद को सुशासन की आधारशिला बताते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य जन-हितैषी नीतियों के माध्यम से पंजाब की खोई हुई शान को बहाल करना और उसे देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
लोक मिलनी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बैठकें अब पंजाब के शासन का एक नियमित और अनिवार्य हिस्सा बन चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महलों में बैठकर सरकार नहीं चलाई जा सकती, बल्कि जमीनी हकीकत समझने के लिए लोगों के बीच जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया को सुगम बनाकर नागरिकों की समस्याओं का उनके घर के दरवाजे पर ही समाधान करना है। भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब की प्रगति तभी संभव है जब शासन पारदर्शी, प्रभावी और पूरी तरह जवाबदेह हो।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अपने महलों तक ही सीमित रहे, जबकि वे शांति, विकास और समृद्धि के नए युग की शुरुआत करने के लिए राज्य के हर कोने-कोने में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘रंगला पंजाब’ बनाने की एक विस्तृत कार्ययोजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। लोक मिलनी जैसा कार्यक्रम पूरे देश में अपनी तरह का अनूठा उदाहरण है, जहां सरकार लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए इतना समय निकालती है। इससे न केवल जनता की शिकायतों का शीघ्र निस्तारण होता है, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन भी किया जा सकता है।
सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य के 90 प्रतिशत घरों को वर्तमान में मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गर्व जताते हुए कहा कि अब तक 63,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही, राज्य में 17 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे जनता को प्रतिदिन लगभग 64 लाख रुपये की बचत हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलावों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में 881 ‘आम आदमी क्लीनिक’ सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जहां मरीजों को मुफ्त इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। उन्होंने आगामी ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ की घोषणा करते हुए बताया कि इसके तहत पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। राज्य में 118 ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ स्थापित किए जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में सैकड़ों छात्रों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट जैसी कठिन परीक्षाओं को पास कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवा और विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दियां देने जैसे कदमों ने साक्षरता दर बढ़ाने में मदद की है। इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) के गठन की प्रशंसा संसद तक में की गई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन सतत प्रयासों के चलते पंजाब बहुत जल्द खुशहाली और विकास के नए शिखर पर होगा। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री की इस पहल को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।