Chattisgarh: सुकमा में सुरक्षाबलों ने मार गिराए बारह खूंखार नक्सली और आठ लाख का इनामी कमांडर भी हुआ ढेर

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नए साल की शुरुआत में ही नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कामयाबी हासिल की है। डीआरजी यानी डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के जवानों ने एक सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। मारे गए नक्सलियों में 8 लाख का इनामी और खूंखार माओवादी कमांडर मंगडू भी शामिल है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से नक्सली संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है।

जानकारी के मुताबिक सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि कोंटा एरिया कमेटी में सक्रिय माओवादी कमांडर मंगडू अपने साथियों के साथ किस्टाराम इलाके के जंगलों में छिपा हुआ है। इस सूचना पर एसपी किरण चव्हाण ने डीआरजी की एक टीम को तुरंत ऑपरेशन के लिए रवाना किया। जवान तड़के सुबह ही जंगलों में पहुंच गए और तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

जैसे ही सुरक्षाबल नक्सलियों के ठिकाने के पास पहुंचे तो माओवादियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक भीषण गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ के बाद जब तलाशी ली गई तो वहां से 12 नक्सलियों के शव बरामद हुए। मौके से एके 47 और इंसास राइफल जैसे घातक हथियार भी जब्त किए गए हैं।

मुठभेड़ में मारा गया 40 वर्षीय वेट्टी मुका उर्फ मंगडू सुकमा जिले के गोगुड़ा गांव का रहने वाला था। वह पिछले कई सालों से माओवादी संगठन से जुड़ा था और कोंटा एरिया कमेटी के सचिव पद पर था। मंगडू कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल रहा था और उस पर प्रशासन ने 8 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

इस मुठभेड़ में एक और बड़ी सफलता मिली है। खूंखार माओवादी एसीएम हितेश भी मारा गया है। हितेश वही नक्सली था जो 9 जून को कोंटा के पास हुए आईईडी ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था। उस ब्लास्ट में तत्कालीन एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की जान चली गई थी। आज जवानों ने हितेश को मारकर अपने साथी एएसपी आकाश राव की शहादत का बदला भी ले लिया है। सुकमा के अलावा बीजापुर में भी सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को मार गिराया है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

 

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