देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान रसोई गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्तराखंड के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में राज्य सरकार अब केंद्र सरकार से व्यवसायिक एलपीजी सिलिंडरों के अतिरिक्त आवंटन की मांग करने जा रही है। इस महत्वपूर्ण विषय पर सचिव आनंद स्वरूप ने प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और आपूर्ति व्यवस्था को पुख्ता करने के कड़े निर्देश दिए।
सचिव आनंद स्वरूप ने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान प्रदेश में लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिससे होटलों, धर्मशालाओं, रेस्टोरेंट्स और ढाबों में गैस की खपत काफी बढ़ जाती है। विभाग ने विस्तृत आकलन के बाद बताया है कि अप्रैल से नवंबर 2026 तक की अवधि में प्रदेश के लगभग 14,901 पंजीकृत वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुल 9,67,950 व्यवसायिक सिलिंडरों की आवश्यकता होगी। इस भारी मांग को समय रहते पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को जल्द ही एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को ईंधन की कमी के कारण किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
बैठक में यह जानकारी भी सामने आई कि पिछले कुछ दिनों में तेल कंपनियों ने व्यवसायिक सिलिंडरों की दैनिक आपूर्ति में बड़ा सुधार किया है। पहले जहाँ प्रतिदिन औसतन 3,000 सिलिंडरों की आपूर्ति हो रही थी, उसे अब बढ़ाकर 6,000 सिलिंडर प्रतिदिन से अधिक कर दिया गया है। विभाग न केवल एलपीजी बल्कि पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर भी सूक्ष्मता से नजर रख रहा है ताकि आपातकालीन सेवाओं, परिवहन और सामान्य जनजीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग और दुरुपयोग को रोकने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। प्रवर्तन टीमों ने अब तक प्रदेश भर में 5,389 निरीक्षण किए हैं और 87 स्थानों पर सघन छापेमारी की है। इन कार्यवाइयों के परिणामस्वरूप अब तक 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अभियान के दौरान 699 घरेलू और 168 व्यवसायिक सिलिंडर जब्त किए गए हैं। प्रशासन ने दोषियों पर एक लाख रुपये से अधिक का आर्थिक दंड भी लगाया है।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त पीएस पांगती, आईओसीएल के डिवीजनल हेड स्वर्ण सिंह, बीपीसीएल के टेरिटरी मैनेजर जेएल प्रसन्ना और एचपीसीएल के चीफ रीजनल मैनेजर पंकज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित से जुड़े इस संवेदनशील कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का पूरा ध्यान यात्रा के दौरान आपूर्ति श्रृंखला को संतुलित और पारदर्शी बनाए रखने पर केंद्रित है।