Uttarakhand: शराब की दुकान के खिलाफ महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, नैनीताल के खुर्पाताल में चक्का जाम

नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल के निकटवर्ती खुर्पाताल न्याय पंचायत में नई शराब की दुकान खोलने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। मंगोली और बजून क्षेत्रों में शराब के ठेकों के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने पूरी रात धरना देने के बाद बुधवार सुबह चक्का जाम कर दिया, जिससे पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। फिलहाल प्रस्तावित दुकानों के बाहर भारी संख्या में ग्रामीण डटे हुए हैं और किसी भी कीमत पर दुकान न खुलने देने की जिद पर अड़े हैं।

विवाद की जड़ आबकारी विभाग द्वारा मंगोली और बजून में शराब की दो नई दुकानों के लिए जारी किया गया टेंडर है। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली, उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पिछले चार दिनों से शांतिपूर्ण धरना चल रहा था, लेकिन बुधवार से इन दुकानों को खोला जाना प्रस्तावित था। मंगलवार रात ग्रामीणों को अंदेशा हुआ कि रात के अंधेरे में दुकानों के भीतर शराब का स्टॉक उतारा जा सकता है। इस आशंका के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं कड़ाके की ठंड के बावजूद पूरी रात बजून में प्रस्तावित दुकान के बाहर पहरा देती रहीं।

बुधवार सुबह दस बजे तक जब प्रशासन की ओर से टेंडर निरस्त करने का कोई लिखित आदेश नहीं मिला, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। महिलाओं ने मुख्य मार्ग पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति को बिगड़ते देख कोतवाल हेम चंद्र पंत ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि एक घंटे के भीतर उनकी उच्चाधिकारियों और प्रशासन से वार्ता कराई जाएगी। इस भरोसे के बाद महिलाओं ने सड़क से जाम हटाया और यातायात सुचारू हो सका।

जाम हटने के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीण अब भी प्रस्तावित दुकान के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि वे अपने क्षेत्र में शराब की संस्कृति को पनपने नहीं देंगे, क्योंकि इससे गांव का शांत माहौल खराब होगा और युवाओं पर बुरा असर पड़ेगा। इस आंदोलन में पुष्पा कनवाल, दीपा कनवाल, भगवती, जानकी, प्रेमा मेहरा, कीर्ति आर्या, मंजू आर्या और कमला देवी सहित दर्जनों ग्रामीण महिलाएं सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। प्रशासन अब बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ग्रामीणों का रुख बेहद कड़ा है। क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

 

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