कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की वित्तीय मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट से पार्टी के रोजमर्रा के खर्चों के लिए मिली आंशिक राहत के तुरंत बाद बिधाननगर साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पार्टी के 12 और बैंक खातों को फ्रीज करने का निर्देश जारी कर दिया है। ये खाते विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों में संचालित किए जा रहे थे।
पुलिस और जांच एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक दो चरणों में फ्रीज किए गए इन सभी बैंक खातों में कुल मिलाकर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी राशि जमा है। यह पूरी कार्रवाई तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक विश्वनाथ दास द्वारा दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी (एफआइआर) की जांच के आधार पर की गई है। इसी मामले में पुलिस ने पहले तीन खातों को फ्रीज किया था, जिन्हें बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत अपने नियंत्रण में ले लिया था।
जांच के केंद्र में अवैध लेनदेन का संदेह
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बिधाननगर साइबर थाना पुलिस अब तक शिकायतकर्ता विधायक विश्वनाथ दास और ऋतब्रत बनर्जी खेमे के सात से अधिक विधायकों के बयान दर्ज कर चुकी है। पुलिस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि पार्टी के इन खातों में कथित रूप से अवैध लेनदेन किस आधार पर किए गए और इन खातों में इतनी बड़ी राशि कहां से आई। शुरुआती तीन खातों के लेनदेन से जो सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं, उन्हीं के आधार पर अब अन्य 12 खातों की भी गहन जांच की जा रही है। फिलहाल इन सभी खातों से किसी भी तरह के वित्तीय लेनदेन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
ईडी की कार्रवाई और नेताओं पर लटकी तलवार
दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस मामले में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। ईडी ने जिन तीन खातों को पहले फ्रीज किया था, उनमें से एक के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में दो वर्तमान सांसदों के नाम सामने आए हैं। अन्य दो खातों के हस्ताक्षरकर्ताओं में एक पूर्व सांसद और एक पूर्व मंत्री का नाम शामिल है। जांच एजेंसी के सूत्रों का संकेत है कि इन तीनों बड़े नेताओं को पूछताछ के लिए जल्द ही समन जारी कर तलब किया जा सकता है। ईडी ने हाल ही में कोलकाता और आसपास के इलाकों में छापेमारी के बाद खुलासा किया था कि एक निजी बैंक के तीन खातों में ही 440 करोड़ 42 लाख रुपये जमा हैं।
कानूनी लड़ाई और हाई कोर्ट का रुख
पार्टी के खातों पर लगी इस रोक के खिलाफ ममता बनर्जी गुट ने एक बार फिर कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शुक्रवार को अधिवक्ता किशोर दत्ता ने न्यायमूर्ति कृष्णा राव की अदालत में ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। अदालत ने याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है और इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।
इससे पहले, गुरुवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने राज्य पुलिस द्वारा फ्रीज किए गए तीन खातों के मामले में पार्टी को कुछ राहत दी थी। अदालत ने पार्टी के दैनिक खर्चों के संचालन के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया था और निर्देश दिया था कि किसी भी चेक पर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के साथ विशेष अधिकारी के हस्ताक्षर होने के बाद ही बैंक से राशि निकाली जा सकेगी। हालांकि, अब 12 नए खातों के फ्रीज होने और ईडी की सक्रियता ने पार्टी के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है।।
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