देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में देश के सुप्रसिद्ध कथा वाचक और आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान दोनों के मध्य सनातन संस्कृति के संरक्षण, आध्यात्मिक जागरण और समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने महाराज जी के सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों से युवाओं को अपनी जड़ों और भारतीय परंपराओं से जुड़ने की नई प्रेरणा मिल रही है।
मुलाकात के दौरान देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की सुव्यवस्थित और सुरक्षित व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुक्तकंठ से सराहना की। महाराज जी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा पहले के मुकाबले कहीं अधिक व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम हुई है। उन्होंने विशेष रूप से केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए इन्हें ऐतिहासिक कदम बताया। महाराज जी के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को दर्शन करने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि उत्तराखंड के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार यहां की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने बताया कि सरकार न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि श्रद्धालुओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश भर में धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार हो रहा है, जिससे भारत की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक पटल पर और अधिक सुदृढ़ हुई है। इसी क्रम में केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
चर्चा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने अपने विभिन्न सामाजिक अभियानों की जानकारी साझा की और राज्य में भविष्य में प्रस्तावित आध्यात्मिक कार्यक्रमों के बारे में मुख्यमंत्री से विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार ऐसे सभी नेक कार्यों में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और आध्यात्मिक चेतना जगाने में सहायक हों। भेंट के अंत में मुख्यमंत्री ने महाराज जी को देवभूमि की ओर से सम्मानित किया और उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। इस मुलाकात को राज्य के धार्मिक और विकासोन्मुखी विजन के बीच एक बेहतर समन्वय के रूप में देखा जा रहा है।
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