US: ईरान के खिलाफ जेडी वेंस ने दी परमाणु आतंकवाद रोकने की चेतावनी

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में युद्ध की आहट के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान को स्पष्ट और कड़ी चेतावनी देते हुए संकेत दिए हैं कि वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है। अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को आगाह किया है कि वह अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों को उसकी कमजोरी न समझे। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेगा और जरूरत पड़ने पर ईरान के विरुद्ध सभी सैन्य विकल्प खुले हुए हैं।

अमेरिकी प्रशासन ने मध्य पूर्व में अपने युद्धपोतों और अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी है, जिससे इस क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है। फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में जेडी वेंस ने ईरान को ‘परमाणु आतंकवाद’ और ‘दुनिया का सबसे खतरनाक शासन’ करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका ऐसी स्थिति बनने नहीं देगा जहाँ ईरान जैसा क्रूर और सनकी शासन दुनिया को परमाणु हथियारों से डरा सके। वेंस ने ईरान को आतंकवाद का सबसे बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि उसे किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उप-राष्ट्रपति वेंस ने यह भी साफ किया कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप यद्यपि कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन उनके पास अन्य कई विकल्प भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप अतीत में अपनी सैन्य इच्छाशक्ति का प्रदर्शन कर चुके हैं और वे ईरान की मिसाइल तथा परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर बेहद गंभीर हैं। गौरतलब है कि बुधवार को अमेरिकी संसद में अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर सीधे आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि ईरान ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो सीधे अमेरिका को निशाना बना सकती हैं। साथ ही ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पिछले साल हुए अमेरिकी हमलों के बाद ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिशों में जुटा है।

जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत की समयसीमा कितनी लंबी होगी, इसका अंतिम निर्णय केवल राष्ट्रपति ट्रंप ही लेंगे। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने के लिए अमेरिका प्रतिबद्ध है और ट्रंप प्रशासन का निर्णय इस दिशा में निर्णायक होगा। अमेरिका के इस कड़े रुख ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी है और पूरी दुनिया अब मध्य पूर्व में होने वाली अगली सैन्य या कूटनीतिक हलचल पर नजरें टिकाए हुए है। ईरान और अमेरिका के बीच इस बढ़ते गतिरोध ने वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा संकट की चिंताओं को भी गहरा कर दिया है।

 

Pls read:US: डोनल्ड ट्रंप के विवादित टैरिफ को अमेरिकी कस्टम विभाग ने किया पूरी तरह समाप्त

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *