इस्लामाबाद/काबुल। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद अब एक भीषण और खुले युद्ध में तब्दील हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान तालिबान सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ ही पाकिस्तान की वायुसेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे प्रमुख अफगान शहरों और प्रांतों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान का दावा है कि उसने इन हमलों के जरिए तालिबान के सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में कड़ा संदेश देते हुए लिखा कि अब उनके सब्र की सीमा समाप्त हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अब खुला युद्ध शुरू हो गया है। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने भी पुष्टि की कि वायुसेना के विमानों ने काबुल, पक्तिया और कंधार में स्थित अफगान तालिबान के रक्षा ठिकानों को अपना निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान एयरफोर्स ने इस पूरी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ नाम दिया है।
दूसरी तरफ, तालिबान सरकार ने भी इन हवाई हमलों की पुष्टि की है। तालिबान के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने जवाबी हमले की जानकारी देते हुए बताया कि अफगान सेना ने भी पाकिस्तानी सैनिकों के ठिकानों पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि कंधार और हेलमंद की ओर से पाकिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। काबुल में मौजूद पत्रकारों के अनुसार, रात भर जेट विमानों की गूँज और भीषण धमाकों की आवाजों से पूरा इलाका दहल उठा। धमाकों के बाद कई घंटों तक दोनों ओर से भारी गोलीबारी जारी रही।
इस भीषण संघर्ष में अब तक दर्जनों लोगों के हताहत होने की खबर है। पाकिस्तानी सूत्रों के अनुसार, हवाई हमलों में अब तक कम से कम 72 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। वहीं, अफगान अधिकारियों का कहना है कि जमीनी संघर्ष के दौरान उनके आठ सैनिक मारे गए हैं। तोरखम सीमा चौकी के पास नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों में भी कई लोग घायल हुए हैं। नांगरहार प्रांत के अधिकारियों के अनुसार, एक शरणार्थी शिविर पर मोर्टार गिरने से सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक महिला की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह तनाव पिछले कई महीनों से जारी छिटपुट झड़पों का चरम बिंदु है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थिति अब बेहद संवेदनशील हो गई है और दोनों ओर से भारी सैन्य तैनाती की जा रही है। हवाई हमलों के बाद अब जमीनी जंग तेज होने की आशंका जताई जा रही है। इस खुले युद्ध ने दक्षिण एशिया में एक नया सुरक्षा संकट पैदा कर दिया है, जिससे न केवल इन दो देशों बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति खतरे में पड़ गई है। फिलहाल दोनों सेनाएं एक-दूसरे पर बढ़त बनाने के लिए भारी हथियारों का इस्तेमाल कर रही हैं।