नई दिल्ली। राजस्थान के भिवाड़ी में सोमवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका होने के बाद भयानक आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात मजदूरों की जिंदा जलकर मौत होने की पुष्टि हो चुकी है। आग की लपटें इतनी तेज और विकराल थीं कि काम कर रहे मजदूरों को संभलने या बाहर निकलने का कोई अवसर नहीं मिल सका। इस घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर दहशत का माहौल बन गया।
यह दर्दनाक हादसा खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट संख्या जी1-118 पर स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में हुआ। जानकारी के अनुसार, जब यह जोरदार धमाका हुआ, उस समय फैक्ट्री के भीतर लगभग 25 मजदूर अपना काम कर रहे थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनी गई और देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री आग के गोले में तब्दील हो गई। रसायनों की मौजूदगी के कारण आग ने अत्यंत तेजी से पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद कई श्रमिक फंस गए।
सूचना मिलते ही भिवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों से दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और मलबे से सात बुरी तरह जले हुए शवों को बाहर निकाला। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अभी भी दो मजदूरों के लापता होने की खबर है, जिनके फैक्ट्री के भीतर ही फंसे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। उनके लिए तलाश अभियान अभी भी जारी है।
दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण और अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) सुमिता मिश्रा सहित कई वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्वयं राहत कार्यों की निगरानी की और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने इस भयावह अग्निकांड के कारणों की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। प्राथमिक स्तर पर आग लगने के सही कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन जांच टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या फैक्ट्री में अनिवार्य सुरक्षा मानकों और अग्निशमन यंत्रों की उचित व्यवस्था थी या नहीं।
फिलहाल, एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। शवों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि सुरक्षा इंतजामों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा और वहां के कार्य परिवेश पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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