मुख्यमंत्री ने की चार धाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा प्रदेश में पेयजल की कमी को दूर…
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Delhi: अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाई दूध की कीमतें, दिल्ली-एनसीआर में 2 रुपये प्रति लीटर इजाफा
नई दिल्ली, 3 जून 2024: दूध की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। आज मदर…
Uttarakhand: उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में लूट की 38 वारदातों को अंजाम देने वाला शातिर लूटेरा गिरफ्तार
देहरादून, 28 फरवरी: उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 30 से ज्यादा लूट की घटनाओं को अंजाम…
Uttarakhand: गंभीर आरोपों पर आईएचएम नई टिहरी के निदेशक की सेवाएं समाप्त
नई टिहरी, 28 फरवरी: उत्तराखंड के शासन ने स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड…
Uttarakhand: टोल टैक्स में वृद्धि, देहरादून-हरिद्वार-दिल्ली मार्ग पर इतना हुआ टोल
देहरादून, 28 फरवरी: देश भर में टोल टैक्स में हो रही वृद्धि के चलते उत्तराखंड के टोल…
Uttarakhand: गंगोत्री धाम जा रही बस पलटी, 40 यात्री से सवार, 15 को आई चोटें
गंगोत्री धाम जा रही यात्रियों से भरी बस सिल्क्यारास्थित वन विभाग बंगले के पास अनियंत्रित होकर…
Uttarakhand: मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश पहुंचकर चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय का किया स्थलीय निरीक्षण
मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के दिये निर्देश। श्रद्धालुओं से लिया व्यवस्थाओं को फीडबैक। मुख्यमंत्री पुष्कर…
Uttarakhand: पुरोला के सालरा गांव में भीषण आग, छह घर खाक
उत्तरकाशी, उत्तराखंड: पुरोला के दूरस्थ सालरा गांव में रविवार देर रात भीषण आग लग गई जिससे छह आवासीय मकान जलकर खाक हो गए। आग की चपेट में आने वाले सभी घर लकड़ी के बने हुए थे, जिससे आग तेजी से फैल गई और काबू पाना मुश्किल हो गया। फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है लेकिन अब तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। स्थानीय लोग भी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने घटना की जानकारी लेते हुए उपजिलाधिकारी पुरोला और तहसीलदार मोरी को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। डॉ. बिष्ट ने राहत कार्यों के लिए सेना की मदद मांगी है और हेलिकॉप्टर भेजने का भी अनुरोध किया है। प्रभावित परिवारों को उनके घरों और संपत्ति का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने राहत और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। Pls read:Uttarakhand: समय से इलाज नहीं मिलने से पौड़ी के युवक…
Uttarakhand: बदरीनाथ में रील्स बना रहे 15 लोगों का चालान, मोबाइल जब्त
बद्रीनाथ। प्रतिबंध के बाद भी रील्स और वीडियो बनाना श्रद्धालुओं को भारी पड़ गया। पुलिस ने…
HC: नैनीताल हाईकोर्ट का आदेश, एक साल में हो पूरे प्रदेश में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था
नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य में राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए दायर जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार को एक साल के भीतर पूरे प्रदेश में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सरकार ने कई क्षेत्रों में राजस्व पुलिस के स्थान पर रेगुलर पुलिस की व्यवस्था कर दी है, शेष क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रक्रिया जारी है। दरअसल, वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने भी नवीन चंद्र बनाम राज्य सरकार से संबंधित मामले में राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त करने की आवश्यकता महसूस की थी। राजस्व पुलिस की सीमाएं इस केस में कहा गया था कि राजस्व पुलिस को सिविल पुलिस की तरह प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। यही नहीं, राजस्व पुलिस के पास आधुनिक साधन जैसे डीएनए जांच, रक्त परीक्षण, फोरेंसिक जांच, फिंगर प्रिंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती हैं। इन सुविधाओं के अभाव में अपराधों की विवेचना करने में परेशानियां होती हैं। कोर्ट ने यह भी कहा था कि राज्य में नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था लागू होनी चाहिए। हाई कोर्ट का आदेश इधर हाई कोर्ट ने भी सरकार को राजस्व पुलिस व्यवस्था को लेकर वर्ष 2018 में कई दिशा निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश का सरकार की ओर से पूरी तरह अनुपालन नहीं किया गया। याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया कि पूर्व में दिए आदेश का अनुपालन करवाया जाए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ऋतु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने समाधान, कृष्णा विहार जाखन देहरादून नामक संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए सरकार को एक साल के भीतर सभी राजस्व क्षेत्रों में राजस्व पुलिस व्यवस्था समाप्त करते हुए रेगुलर पुलिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। आगे का कदम इस आदेश के साथ, उत्तराखंड सरकार को अब पूरे राज्य में एक समान कानून व्यवस्था लागू करने के लिए कार्य करना होगा। यह कदम राज्य के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण वातावरण बनाने में मदद करेगा।