डेल्टा और ओमिक्रोन मिलकर तैयार कर सकते हैं कोरोना का नया वेरिएंट ?

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पिछले एक साल में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने जबरदस्त कहर मचाया और अब ओमिक्रोन वेरिएंट ने दस्तक दे दी है। इसे लेकर वैज्ञानिकों ने रिसर्च शुरू ही की थी कि अब एक नए डरावने सवाल ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया है। अगर कहीं डेल्टा और ओमिक्रोन ने मिलकर नया वेरिएंट बना दिया तो क्या होगा।

हाल ही में जब वैक्सीन कंपनी मॉडर्ना के चीफ मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) डॉक्टर पॉल बर्टन से पूछा गया कि क्या डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट मिलकर एक नए विकसित वैरिएंट को जन्म दे सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि ऐसा मुमकिन है। इसी हफ्ते ब्रिटिश संसद की विज्ञान और प्रौद्योगिकी कमेटी के सामने पेशी के दौरान डॉक्टर बर्टन ने कहा कि कोरोना के दोनों खतरनाक वैरिएंट (डेल्टा और ओमिक्रॉन) के मिलने से एक जबरदस्त घातक सुपर वैरिएंट के पैदा होने का खतरा है। यह वैरिएंट तब अस्तित्व में आ सकता है, जब कोई व्यक्ति एक साथ दोनों मौजूदा स्वरूपों से संक्रमित हो जाए।

डॉक्टर बर्टन ने कहा- “इस बारे में डेटा मौजूद है। दक्षिण अफ्रीका से भी इस बारे में कुछ पेपर पब्लिश हुए हैं, जिनमें कहा गया है कि कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को वायरस के दो स्वरूपों से संक्रमित पाया जा सकता है।” उन्होंने कहा, “जिस तरह ब्रिटेन में डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों के मामले फैले हैं, उस स्थिति में एक नए वैरिएंट के पैदा होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।”

ब्रिटेन में एक दिन पहले ही कोरोना के 93 हजार नए मामले सामने आए हैं। जिन लोगों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जा सकी, उनमें तीन हजार से ज्यादा ओमिक्रॉन से ही संक्रमित मिले। इसके चलते ब्रिटेन में फिलहाल ओमिक्रॉन के 15 हजार के करीब मामले हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि जीनोम सीक्वेंसिंग की क्षमता सीमित होने के कारण ओमिक्रॉन के फैलाव का सही पता लगाना मुश्किल है।

डॉक्टर बर्टन ने सांसदों को बताया कि यह संभव है कि दो स्ट्रेन अपने जीन्स में अदला-बदली कर लें और एक खतरनाक वैरिएंट को जन्म दें। रिसर्चर्स का मानना है कि इसकी उम्मीद काफी कम है, लेकिन अगर कोरोना को इसका मौका मिला, तो यह संभव भी हो सकता है।

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