देहरादून, 29 सितंबर 2026। उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण फंसे ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर बातचीत कर अभियान की स्थिति की जानकारी ली और सभी फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के लिए गए ट्रैकर्स के साथ पोर्टर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
उत्तरकाशी में हाल में मौसम खराब होने के बाद कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकर्स और पर्वतारोही फंस गए थे। रिपोर्टों के अनुसार अलग-अलग उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 136 लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। इनमें हाई एल्टीट्यूड एक्सपीडिशन से जुड़े लोग तथा कालिंदी पास और ऑडेन कोल पास के बेस कैंप में मौजूद ट्रैकर्स शामिल थे। प्रशासन ने मौसम में सुधार के दौरान हेलीकॉप्टरों की मदद से हवाई बचाव अभियान शुरू किया।
हेलीकॉप्टरों से जारी है बचाव अभियान
बचाव अभियान में हवाई संसाधनों के साथ विभिन्न सुरक्षा और आपदा राहत एजेंसियों की टीमें भी सक्रिय हैं। रिपोर्ट के अनुसार ऑडेन कोल क्षेत्र में फंसे 29 ट्रैकर्स को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकालकर हर्षिल पहुंचाया गया। इसके बाद उनकी चिकित्सकीय जांच की गई। कालिंदी पास क्षेत्र में भी बचाव अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है।
इससे पहले अभियान के दौरान कई अन्य ट्रैकर्स को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पैदल रेस्क्यू टीमों को भी अलर्ट रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर हवाई मार्ग के साथ जमीनी स्तर से भी सहायता पहुंचाई जा सके।
भोजन और चिकित्सा व्यवस्था पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों से निकाले जा रहे लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और ट्रैकर्स को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ उनके लिए भोजन, पेयजल और चिकित्सकीय सहायता की व्यवस्था भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए। प्रशासन ने चिकित्सकों, दवाइयों और एंबुलेंस जैसी सुविधाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहकर काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से लगातार स्थिति की निगरानी करने और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों का तत्काल उपयोग करने को कहा।
उत्तरकाशी में जारी अभियान के बीच प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौजूद सभी लोगों को मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। बचाव कार्य की प्रगति मौसम की स्थिति पर भी निर्भर रहेगी।
Pls read:Uttarakhand: अपशिष्ट प्रबंधन में कॉरपोरेट सेक्टर की भागीदारी से मजबूत होगी स्वच्छता व्यवस्था