शिमला, 29 सितंबर 2026। हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहा। लगातार वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर सड़क यातायात बाधित हुआ। राज्य में 61 प्रमुख सड़कें बंद बताई गई हैं। इनमें मंडी की 27 और लाहुल-स्पीति की 17 सड़कें शामिल हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार उत्तर पाकिस्तान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ, जिसके कारण हिमाचल में वर्षा की गतिविधियां बढ़ीं। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई। किन्नौर में बारिश सामान्य से 4,757 प्रतिशत, शिमला में 1,788 प्रतिशत, सिरमौर में 1,591 प्रतिशत और कांगड़ा में 718 प्रतिशत अधिक रही। मौसम विभाग ने 29 सितंबर से प्रदेश में मौसम के अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान जताया है।
तापमान में आई बड़ी गिरावट
भारी बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में औसतन 6.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है।
केलंग में अधिकतम तापमान 9.5 डिग्री, ताबो में 9.2 डिग्री और मनाली में आठ डिग्री सेल्सियस तक नीचे गया। मंडी, कांगड़ा और चंबा में भी करीब छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा नाहन में अधिकतम तापमान सामान्य से 8.9 डिग्री, सुंदरनगर में 8.3 डिग्री, मनाली में 7.6 डिग्री और कांगड़ा तथा मंडी में करीब सात डिग्री सेल्सियस कम रहा। शिमला में तापमान सामान्य से 6.2 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। वहीं, कल्पा में इसके विपरीत अधिकतम तापमान में करीब सात डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई।
किन्नौर में बर्फबारी से बढ़ी ठंड
जनजातीय जिला किन्नौर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर बर्फबारी हो रही है, जबकि निचले इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है। खराब मौसम के कारण क्षेत्र में तापमान में तेजी से गिरावट आई है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बागवानों की चिंता भी बढ़ गई है।
सीमावर्ती क्षेत्रों छितकुल और रक्छम में बारिश और बर्फबारी के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम के अचानक बिगड़ने से कृषि और बागवानी गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।
सड़कों पर यातायात प्रभावित
लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क मार्ग बाधित हुए हैं। राज्य में 61 प्रमुख सड़कों के बंद होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी और लाहुल-स्पीति जिलों में बंद सड़कों की संख्या अधिक है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से सड़क मार्गों को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद 29 सितंबर से प्रदेश में मौसम के शुष्क होने की संभावना है। इसके बाद तापमान और सड़क यातायात की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
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