देहरादून, 29 सितंबर 2026। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने सोमवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक कल्याण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र कर्मचारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारी और पर्यावरण मित्र शहरों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा प्रशासन के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोग की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों का गंभीरता से पालन किया जाए और कर्मचारियों की शिकायतों के निस्तारण में किसी स्तर पर लापरवाही न हो।
मैनुअल स्कैवेंजिंग पर रोक और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
बैठक में हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम के प्रभावी पालन पर विशेष जोर दिया गया। मकवाना ने स्पष्ट किया कि किसी भी पर्यावरण मित्र को सेप्टिक टैंक या सीवर में मैनुअल तरीके से प्रवेश करने की स्थिति नहीं आनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को सफाई कार्यों में आधुनिक मशीनों और यांत्रिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने मैनहोल को मशीन आधारित सफाई व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम करने तथा सीवर और मैनहोल की सफाई में रोबोटिक तकनीक समेत आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने को कहा। उनका कहना था कि तकनीक के उपयोग से सफाई व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है और कर्मचारियों को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करने से बचाया जा सकता है।
प्रशिक्षण और पीपीई किट की व्यवस्था पर जोर
आयोग अध्यक्ष ने सभी पर्यावरण मित्रों को सफाई कार्य से जुड़ी तकनीकी जानकारी, सुरक्षा मानकों और आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पीपीई किट उपलब्ध कराने और इसकी उपलब्धता की निगरानी करने को कहा।
उन्होंने पर्यावरण मित्रों की वेतन व्यवस्था की समीक्षा कर वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजने तथा न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही वेतन और अन्य देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। सफाई उपकरणों, मशीनों और सुरक्षा सामग्री की खरीद के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान रखने पर भी जोर दिया गया।
सामाजिक सुरक्षा और परिवारों के लिए योजनाएं
मकवाना ने सफाई कर्मचारियों को जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से अधिक संख्या में जोड़ने की जरूरत बताई। उन्होंने कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता और आवश्यक फंड की व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem यानी NAMASTE योजना का लाभ अधिक से अधिक पर्यावरण मित्रों तक पहुंचाने को कहा। योजना के तहत सफाई कार्य को सुरक्षित बनाने के साथ कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त करने पर जोर दिया गया।
अध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों के परिजनों को स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा सभी पात्र कर्मचारियों का स्पष्ट विभागीय रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र कर्मचारियों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने को भी कहा।
बैठक में अपर सचिव एवं निदेशक शहरी विनोद गिरि गोस्वामी, एडीएम केके मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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