देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देहरादून के चौधरी फार्म और सर्वे स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोहों में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में उपस्थित बहनों के बीच पहुंचकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए महिला सशक्तिकरण और मातृशक्ति के सम्मान के प्रति अपनी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन का विशेष उपहार देते हुए घोषणा की कि 28 और 29 अगस्त को प्रदेश की महिलाएं उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह नारी के प्रति सम्मान, सुरक्षा और विश्वास का संकल्प है। धामी ने जोर देकर कहा कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित कहलाता है।
महिला सशक्तिकरण: केंद्र और राज्य की साझा पहल
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने ‘नारी तू नारायणी’ के भाव को अपनी नीतियों का आधार बनाया है। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार भी इसी पथ पर चलते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठा रही है।
| महिला सशक्तिकरण के प्रमुख आंकड़े और उपलब्धियां | विवरण |
| स्वयं सहायता समूह | 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। |
| लखपति दीदी | प्रदेश की 3 लाख से अधिक बहनें अब तक ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। |
| क्षैतिज आरक्षण | सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया। |
| युवाओं को रोजगार | पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईं। |
| समान नागरिक संहिता (UCC) | सभी वर्गों की महिलाओं को समान अधिकार और न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम। |
भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती और युवाओं का भविष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां के लिए अपने बच्चों की सफलता से बड़ी कोई खुशी नहीं होती। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। उन्होंने कड़ा ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की ताकि योग्य युवाओं के साथ कोई अन्याय न हो सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आज का युवा अपनी योग्यता के दम पर सफलता प्राप्त कर सकता है, क्योंकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
“एक भाई के रूप में आपके साथ खड़ा हूं”
भावुक होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे आज यहां मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में आए हैं। उन्होंने समस्त मातृशक्ति को आश्वस्त किया कि यदि किसी भी बहन या बेटी को कोई समस्या होती है, तो वे सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनी बात रख सकती हैं। उन्होंने कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है, जो उन्हें राज्य के प्रत्येक नागरिक की सेवा के लिए प्रेरित करती है।
हाथीबड़कला में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर भी उपस्थित रहीं। वहीं जीएमएस रोड के कार्यक्रम में जोगिंदर सिंह पुंडीर और विनय कुमार रोहिला सहित कई जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया और दोहराया कि उत्तराखंड का विकास तभी पूर्ण होगा जब यहां की मातृशक्ति पूर्णतः आत्मनिर्भर और सशक्त होगी।