Uttarakhand: मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को चेताया – The Hill News

Uttarakhand: मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को चेताया

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर निर्वाचन आयोग ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को कुमांऊ और गढ़वाल मंडल के आयुक्तों के साथ-साथ देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। वीडियो कांन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी की कार्यप्रणाली में ढिलाई पाई जाती है, तो उसकी जवाबदेही तय करते हुए तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों ने अब तक प्राप्त हुए दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने भविष्य की रणनीति पर भी विस्तार से जानकारी दी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी दावों और आपत्तियों की सुनवाई पूरी तरह से नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे अपने जनपदों में राजनैतिक दलों और मीडिया के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें ताकि प्रक्रिया के प्रति जनता का विश्वास बना रहे।

मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए विशेष दिशा-निर्देश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने (फॉर्म 6), नाम काटने (फॉर्म 7) और संशोधन (फॉर्म 8) की प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने डेटा के आधार पर कुछ विशेष मानक तय किए हैं, जिनकी निगरानी सीधे ईआरओ (निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) करेंगे।

निगरानी के मानक आवश्यक कार्रवाई
4 प्रतिशत से अधिक वृद्धि जिन बूथों पर मतदाताओं की संख्या में 4% से अधिक इजाफा हुआ है, वहां ईआरओ स्वयं जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे।
2 प्रतिशत से अधिक कटौती जिन बूथों पर 2% से अधिक नाम काटे गए हैं, वहां विलोपन के कारणों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
व्यक्तिगत निरीक्षण ईआरओ को संदिग्ध या संवेदनशील बूथों का व्यक्तिगत दौरा कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुमांऊ आयुक्त दीपक रावत और गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप से उनके हालिया जनपद दौरों का फीडबैक लिया। उन्होंने दोनों मंडल आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे लगातार फील्ड विजिट जारी रखें और धरातल पर पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता की जांच करते रहें। उनका मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के फील्ड में रहने से निचले स्तर के कर्मचारियों में सक्रियता बनी रहेगी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने में मदद मिलेगी।

इस समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। आयोग का पूरा ध्यान वर्तमान में चल रहे इस अभियान को पारदर्शी बनाने और यह सुनिश्चित करने पर है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और फर्जी मतदाताओं के नाम पूरी तरह हटा दिए जाएं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अंत में दोहराया कि निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना सभी अधिकारियों का प्राथमिक संवैधानिक दायित्व है। लापरवाही सामने आने पर सजा के लिए तैयार रहने की चेतावनी ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

 

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