Uttarakhand: उत्तराखंड की 3 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी अब 15 दिनों तक मनाया जाएगा मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव – The Hill News

Uttarakhand: उत्तराखंड की 3 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी अब 15 दिनों तक मनाया जाएगा मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का अवलोकन करते हुए महिला समूहों द्वारा तैयार की गई विभिन्न प्रकार की राखियों और स्थानीय उत्पादों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी 13 जनपदों से वर्चुअल माध्यम से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से सीधा संवाद किया और उनके अनुभवों को साझा किया।

मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अगले वर्ष से ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ रक्षाबंधन पर्व से 15 दिन पूर्व ही शुरू कर दिया जाएगा। इसे एक विशेष पखवाड़े के रूप में आयोजित किया जाएगा ताकि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इस पहल से न केवल स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

योजना की अब तक की प्रगति और सफलता

पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य सरकार की इन कोशिशों के कारण प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े इस सफलता की कहानी बयां करते हैं:

मुख्य आंकड़े विवरण
प्रदर्शनी और स्टॉल पिछले तीन वर्षों में 95 विकासखंडों में कुल 4,480 स्टॉल लगाए गए।
उत्पादों की बिक्री इन स्टॉलों के माध्यम से लगभग 12.50 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई।
स्वयं सहायता समूह प्रदेश में 70 हजार से अधिक समूह सक्रिय हैं, जिनसे 5.20 लाख परिवार जुड़े हैं।
आर्थिक उपलब्धि राज्य की 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को दोहराते हुए सचिवालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इन स्टॉलों से खरीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना ही मातृशक्ति के परिश्रम का असली सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को विकास का मुख्य आधार बनाया गया है। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और लखपति दीदी जैसे अभियानों ने महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।

भविष्य की रणनीति: सशक्त बहना बाजार

उत्तराखंड सरकार अब इस योजना का और अधिक विस्तार करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में ‘सशक्त बहना उत्सव’ को ‘सशक्त बहना बाजार’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को केवल मेलों तक सीमित न रखकर उन्हें पर्यटन स्थलों, चारधाम यात्रा मार्गों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और बड़े होटल-रिसॉर्ट्स तक पहुंचाया जाएगा। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए इन स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी। इसके लिए महिलाओं को आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लेबलिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं राज्य की प्रगति की मजबूत स्तंभ हैं। वे घर संभालने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों में भी नेतृत्व कर रही हैं। संवाद में शामिल महिलाओं ने भी मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की इन योजनाओं के कारण वे अब आत्मनिर्भर बन रही हैं और उनके हुनर को सही बाजार मिल रहा है।

सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव झरना कमठान, अनुराधा पाल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

 

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