देहरादून। पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए तीन मंजिला पार्किंग बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रस्तावित पार्किंग में 43 कारों को खड़ा करने की सुविधा होगी। परियोजना के संशोधित लागत अनुमान को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी देने के संबंध में गुरुवार को राज्य सचिवालय में आवास विभाग की समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता आवास विभाग के सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार ने की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत प्रस्तावित इस परियोजना का उद्देश्य जिला न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। बैठक में परियोजना के तकनीकी पहलुओं, लागत में हुई वृद्धि, निर्माण की जरूरत और प्रस्तावित सुविधाओं पर चर्चा की गई। इसमें पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने भी हिस्सा लिया।
959.47 लाख रुपये के संशोधित अनुमान पर चर्चा
जिला न्यायालय परिसर में पार्किंग निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड, पिथौरागढ़ ने संशोधित विस्तृत लागत अनुमान तैयार किया है। तकनीकी स्वीकृति के लिए गठित तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) से अनुमोदित इस अनुमान की कुल राशि 959.47 लाख रुपये है। बैठक में इसे प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी देने से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया।
परियोजना के लिए शासन पहले ही धनराशि जारी कर चुका है। 16 मार्च 2024 के शासनादेश के माध्यम से 270.61 लाख रुपये अवमुक्त किए गए थे। अब निर्माण की आवश्यकताओं और अतिरिक्त सुविधाओं को शामिल किए जाने के कारण लागत में वृद्धि हुई है। संशोधित अनुमान में 282.93 लाख रुपये की बढ़ोतरी के कारणों पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों के अनुसार, संशोधित प्रस्ताव में विद्युतीकरण, रीइन्फोर्समेंट और दो लिफ्ट की व्यवस्था शामिल की गई है। समिति ने लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता को निर्देश दिए कि अतिरिक्त लागत के कारणों को लिखित रूप में स्पष्ट करते हुए विस्तृत जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद स्वीकृति की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जा सकेगी।
न्यायालय आने वालों के साथ आमजन को भी लाभ
प्रस्तावित पार्किंग मार्केट वाली रोड पर स्थित होगी। इससे न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों के अलावा आसपास के क्षेत्र के नागरिकों को भी सुविधा मिल सकेगी। पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय शहरों में सीमित भूमि और बढ़ते वाहनों के कारण पार्किंग की समस्या बनी रहती है। ऐसे में बहुमंजिला पार्किंग से उपलब्ध जमीन का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
पार्किंग में 43 कारों को खड़ा करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। दो लिफ्ट की सुविधा से विभिन्न मंजिलों तक पहुंचना भी सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य है। परियोजना पूरी होने पर सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग कम करने और वाहनों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
संचालन के लिए निर्धारित होगा शुल्क
बैठक में पार्किंग के संचालन और रखरखाव से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को बताया गया कि सुविधा के नियमित संचालन के लिए शुल्क निर्धारित किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शुल्क व्यवस्था के माध्यम से पार्किंग के रखरखाव और संचालन को व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार सार्वजनिक उपयोग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि संशोधित लागत में शामिल अतिरिक्त सुविधाओं और खर्च का विवरण संबंधित कार्यदायी संस्था से मांगा गया है, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ सके। सरकार का लक्ष्य है कि परियोजना को नियमानुसार आगे बढ़ाकर इसका लाभ न्यायालय आने वाले लोगों और आम नागरिकों तक पहुंचाया जाए।
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