संगरूर। पंजाब के संगरूर जिले के गांव घराचों में सीबीआई टीम के पहुंचने के दौरान सामने आई राजनीतिक गतिविधियों के बीच थाना भवानीगढ़ के एसएचओ सब-इंस्पेक्टर यशपाल शर्मा को निलंबित कर दिया गया। मंगलवार को सीबीआई की टीम मुख्यमंत्री के ओएसडी से जुड़े एक मामले में कार्रवाई के लिए गांव पहुंची थी। इसी दौरान विपक्षी दलों से जुड़े नेताओं ने सीबीआई अधिकारियों की गाड़ी पर फूल बरसाए थे। घटना के बाद एसएचओ के निलंबन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
भवानीगढ़ के डीएसपी सतनाम सिंह ने एसएचओ के निलंबन की पुष्टि की। हालांकि, निलंबन की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस विभाग के थाना और जिला स्तर के अधिकारी देर शाम तक इस मामले में स्पष्ट जानकारी देने से बचते रहे। इससे निलंबन को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जाने लगे।
स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर भी चर्चा होती रही कि सीबीआई टीम की गाड़ी पर फूल बरसाने वाले राजनीतिक नेताओं के खिलाफ मौके पर पुलिस ने तत्काल कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। घटना के बाद एसएचओ के खिलाफ हुई कार्रवाई को भी कई लोग इसी घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे थे।
ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में हुई कार्रवाई
बाद में डीएसपी सतनाम सिंह ने पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि यशपाल शर्मा को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर निलंबित किया गया है। डीएसपी ने यह भी साफ किया कि एसएचओ के खिलाफ की गई कार्रवाई किसी पुराने मामले से संबंधित है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, यशपाल शर्मा का निलंबन मंगलवार को गांव घराचों में सीबीआई टीम की गाड़ी पर फूल बरसाने की घटना से संबंधित नहीं है। इस स्पष्टीकरण के बाद एसएचओ की कार्रवाई को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा।
ओएसडी के आवास पर पहुंची थी सीबीआई टीम
दरअसल, मंगलवार को भवानीगढ़ के पास स्थित गांव घराचों में सीबीआई की टीम मुख्यमंत्री के ओएसडी के आवास पर छापामारी करने पहुंची थी। टीम के गांव में पहुंचने की जानकारी मिलते ही विपक्षी राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ नेता भी वहां पहुंच गए। इसी दौरान नेताओं ने सीबीआई अधिकारियों की गाड़ी पर फूल बरसाए। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
इसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे। बुधवार सुबह संगरूर पुलिस और सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम ने शिरोमणि अकाली दल से जुड़े दिड़बा हलका प्रभारी विजय लंकेश और अकाली दल वारिस पंजाब दे के वरिष्ठ नेता चमनदीप सिंह मिल्खी को उनके घर से हिरासत में लिया। दोनों नेताओं को दोपहर करीब एक बजे के बाद रिहा कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस ने एसएचओ के निलंबन और सीबीआई टीम के दौरे से जुड़े मामलों को अलग-अलग बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई पुराने मामले में ड्यूटी के दौरान लापरवाही के आरोपों के आधार पर की गई है।
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