नई दिल्ली। अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से सिनेमा जगत में शोक की लहर है। 75 वर्ष की उम्र में 8 अक्टूबर की तड़के कार्डियक अरेस्ट के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली। अपने दमदार अभिनय, सादगी और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। हालांकि, उनकी जिंदगी की कहानी केवल फिल्मों में मिली सफलता तक सीमित नहीं रही। पर्दे पर अपनी पहचान बनाने से पहले उन्होंने बचपन में ही आर्थिक कठिनाइयों और जिम्मेदारियों का सामना करना शुरू कर दिया था।
13 साल की उम्र में शुरू किया काम
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा में एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में हुआ था। उनका बचपन आर्थिक संघर्षों के बीच बीता। एक पुराने साक्षात्कार में उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया था कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और वह अपनी मां को परेशानियों में देखकर दुखी होते थे।
इसी वजह से उन्होंने बहुत कम उम्र में परिवार की मदद करने का फैसला किया। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था। उनका पहला काम फिल्मों के पोस्टर बनाने और पेंट करने से जुड़ा था। इसके लिए उन्हें हर महीने बहुत कम रकम मिलती थी, लेकिन उस उम्र में भी उन्होंने मेहनत को अपनी जिम्मेदारी समझकर स्वीकार किया।
काम के लिए उन्हें रोज घर से करीब आठ किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। आने-जाने में वह लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते थे। इसके बदले उन्हें केवल 35 रुपये मिलते थे। नाना ने अपने संघर्ष के इन दिनों को कई बार याद किया और बताया कि इसी दौर ने उन्हें जीवन की कठिन परिस्थितियों से लड़ना सिखाया।
संघर्ष से बनाई अपनी पहचान
बचपन की मुश्किलों के बावजूद नाना पाटेकर ने कभी परिस्थितियों को अपनी मंजिल के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। आगे चलकर उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों के बीच मजबूत जगह बनाई। गंभीर भूमिकाओं से लेकर अलग-अलग तरह के किरदारों तक उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
नाना की खासियत केवल उनका अभिनय नहीं था, बल्कि उनकी सादगी भी लोगों को प्रभावित करती थी। फिल्मी दुनिया में बड़ी पहचान बनाने के बावजूद वह अपने संघर्ष के दिनों को नहीं भूले। यही वजह रही कि उनकी जीवन यात्रा अक्सर संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की मिसाल के तौर पर याद की गई।
80 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स में नाना पाटेकर की कुल संपत्ति 80 करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया जाता रहा है। हालांकि, उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि उनकी संपत्ति नहीं बल्कि वह मुकाम था, जिसे उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों से निकलकर हासिल किया।
नाना ने यह भी बताया था कि उनकी मां को सोना बहुत पसंद था। मां के इसी शौक के कारण उनके मन में भी सोने के प्रति लगाव पैदा हुआ। उन्होंने बताया था कि फिल्मों से होने वाली कमाई में से वह अपनी मां के लिए सोना खरीदकर ले जाया करते थे। उनके जीवन की ये बातें बताती हैं कि शोहरत और सफलता हासिल करने के बाद भी परिवार और बचपन की यादें उनके लिए बेहद खास रहीं।
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