लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राज्य सरकार ने चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी दे दी है। सोमवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में आठ प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं के लिए ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ (एलओसी) जारी करने का निर्णय लिया गया, जिससे इन बड़ी कंपनियों के लिए धरातल पर काम शुरू करने और सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ उठाने का रास्ता साफ हो गया है।
यह निर्णय औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत गठित उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (एचएलइसी) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की। बैठक के दौरान कुल 4,104.82 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद स्वीकृति प्रदान की गई। इन सभी परियोजनाओं का मूल्यांकन ‘ऑनलाइन इंसेंटिव मैनेजमेंट सिस्टम’ (ओआईएमएस) पोर्टल के माध्यम से किया गया था, जिसमें वे मानकों पर खरी उतरीं।
विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार
स्वीकृत की गई इन परियोजनाओं में ‘मेगा’ और ‘सुपर मेगा’ श्रेणी की औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विनिर्माण, सीमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, वायर एवं इलेक्ट्रिकल उत्पाद, डेयरी और सौर ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। सरकार का मानना है कि इन इकाइयों के चालू होने से न केवल बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रमुख निवेश परियोजनाओं का विवरण
समिति ने जिन आठ बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति दी है, वे राज्य के विभिन्न जनपदों में स्थापित की जाएंगी। इनका संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है:
| कंपनी का नाम | जनपद | निवेश राशि (करोड़ रुपये में) |
| एल्पेक्स सोलर लिमिटेड | मथुरा | 992.38 |
| अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड | ललितपुर | 738.00 |
| शुक्र फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड | गौतमबुद्धनगर | 587.50 |
| बनासकांठा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स | बागपत | 539.83 |
| जीके वाइंडिंग्स वायर्स लिमिटेड | हाथरस | 381.14 |
| एपीएल अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड | गोरखपुर | 320.00 |
| टेरेस्ट्रियल फूड प्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड | अमरोहा | 277.30 |
| गुडलक इंडिया लिमिटेड | बुलंदशहर | 268.67 |
रोजगार और आर्थिक विकास पर प्रभाव
बैठक के दौरान मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेश प्रस्तावों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उन्हें जल्द से जल्द क्रियान्वित कराया जाए। सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र औद्योगिक इकाइयों को नीति के अनुरूप समय पर वित्तीय और प्रशासनिक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाएं ताकि निवेश का सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिखे।
इन परियोजनाओं के माध्यम से मथुरा में सौर ऊर्जा, ललितपुर में सीमेंट उत्पादन और बागपत में डेयरी उद्योग को बड़ी मजबूती मिलेगी। वहीं गोरखपुर, अमरोहा और बुलंदशहर जैसे जिलों में विनिर्माण और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगने से स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा।
इस उच्च स्तरीय बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार और अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार सहित कई अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देते हुए निवेशकों की हर समस्या का त्वरित समाधान किया जाए।