Uttarakhand: पीपलकोटी टनल हादसे के घायलों से मिले मुख्यमंत्री और उच्च स्तरीय जांच के साथ मजिस्ट्रियल इंक्वायरी के आदेश – The Hill News

Uttarakhand: पीपलकोटी टनल हादसे के घायलों से मिले मुख्यमंत्री और उच्च स्तरीय जांच के साथ मजिस्ट्रियल इंक्वायरी के आदेश

चमोली, 14 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। घटनास्थल पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण करने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। यहां उन्होंने सुरंग से सुरक्षित निकाले गए घायल श्रमिकों से मुलाकात की और उनका ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने न केवल घायलों का कुशलक्षेम जाना, बल्कि अस्पताल प्रबंधन को उनके सर्वोत्तम उपचार के लिए कड़े निर्देश भी दिए।

अस्पताल में मुख्यमंत्री ने एक-एक श्रमिक के पास जाकर उनसे बातचीत की और हादसे के समय की परिस्थितियों व उनके वर्तमान स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने घायलों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके और उनके परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रमिक को उपचार के दौरान कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

हर जीवन अनमोल, संसाधनों की कमी नहीं: मुख्यमंत्री
चिकित्सकों के साथ समीक्षा करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि घायलों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को विशेषज्ञ इलाज की आवश्यकता पड़ती है, तो उन्हें तुरंत उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “हमारे लिए प्रत्येक श्रमिक की जान अत्यंत कीमती है। सुरंग के भीतर फंसे शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके लिए उपलब्ध सभी आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए बड़े कदम
• मजिस्ट्रियल जांच: टनल हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश।
• अंतरराज्यीय समन्वय: अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वार्ता कर प्रभावित श्रमिकों के परिजनों तक सूचना पहुँचाना सुनिश्चित किया।
• उपचार की प्राथमिकता: घायलों के लिए जिला अस्पताल में विशेष मेडिकल टीम और पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता।
• सुरक्षा मानकों की समीक्षा: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माणाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा ऑडिट के संकेत।

परिजनों की चिंता दूर करने का प्रयास
चूंकि टनल में काम करने वाले कई श्रमिक अन्य राज्यों के निवासी हैं, इसलिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से स्वयं फोन पर बात की। उन्होंने उन्हें हादसे और बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी ताकि उनके माध्यम से श्रमिकों के परिजनों तक सही सूचना पहुँच सके और उनकी चिंता कम हो सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर संसाधनों या समन्वय की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधि और अधिकारी
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान उनके साथ बद्रीनाथ के विधायक लखपत सिंह बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश और मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राजीव पाल सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेस्क्यू स्थल और अस्पताल, दोनों जगहों पर स्थिति सामान्य होने तक निरंतर डटे रहें। मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल पूरा प्रशासन घायलों के स्वास्थ्य लाभ और लापता लोगों की तलाश में जुटा है।

 

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