चंडीगढ़। पंजाब के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों वार-पलटवार का दौर चरम पर है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच शुरू हुआ सोशल मीडिया युद्ध अब और गहरा गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा किए गए एक तीखे कटाक्ष के जवाब में राजा वड़िंग ने भी उसी अंदाज में मोर्चा संभाला है। वड़िंग ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पंजाबी कविता साझा करते हुए भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखे राजनीतिक बाण छोड़े हैं। दोनों नेताओं के बीच चल रही यह ‘डिजिटल जंग’ अब राज्य की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का प्रमुख केंद्र बन गई है।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजा वड़िंग के वोट डालने के तरीके पर सवाल उठाए। दरअसल, मतदान के दिन राजा वड़िंग एक ‘रेहड़े’ (जुगाड़ वाहन) पर सवार होकर पोलिंग बूथ तक पहुंचे थे। इसी बात को लेकर मुख्यमंत्री ने उन पर तंज कसते हुए एक पोस्ट लिखी थी। भगवंत मान ने लिखा था कि यह ‘बुरे दिनों की निशानी’ है कि जो लोग चुनाव प्रचार के दौरान बड़ी-बड़ी ‘डिफेंडर’ जैसी लग्जरी गाड़ियों में घूमते हैं, वे वोट मांगने के लिए अचानक रेहड़ों तक पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए आगे लिखा था कि कुर्सी के लालच में लोग कैसे हाथ-पैर मारते हैं, यह वक्त के बदलते रंग का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री के इस व्यक्तिगत हमले पर चुप्पी तोड़ने के बजाय राजा वड़िंग ने जवाबी हमला करने के लिए कविता का सहारा लिया। उन्होंने अपनी पोस्ट की शुरुआत भी भगवंत मान के शब्दों ‘बुरे दिनों की निशानी’ से ही की। वड़िंग ने अपनी कविता के माध्यम से आम आदमी पार्टी की ‘बदलाव’ वाली छवि पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग बड़े-बड़े बदलाव के वादे करके सत्ता में आए थे, वे अब केवल विज्ञापनों तक ही सिमट कर रह गए हैं। वड़िंग का तर्क था कि धरातल पर काम करने के बजाय सरकार केवल प्रचार के माध्यम से अपनी छवि चमकाने में जुटी हुई है।
राजा वड़िंग ने अपनी कविता में मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के बीच बढ़ती कथित नजदीकियों को भी निशाना बनाया। उन्होंने लिखा कि जब भी कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की, तो भगवंत मान को वह बुरा लगता था। वड़िंग ने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए भगवंत मान ने अपने पुराने सिद्धांतों को छोड़ दिया है और अब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सामने नतमस्तक होते दिखाई दे रहे हैं।
कविता के अगले हिस्से में राजा वड़िंग ने धूरी में हुए मतदान का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई और भाजपा के हितों के सामने पुलिस की बेइज्जती करवाई गई। वड़िंग ने ‘भाई बालिया’ (एक संबोधन) के मुहावरे का प्रयोग करते हुए कहा कि कुर्सी के मोह ने मुख्यमंत्री के रंग पूरी तरह बदल दिए हैं। इस सोशल मीडिया वार ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच की कड़वाहट को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। फिलहाल, दोनों पक्षों के समर्थक अपनी-अपनी पार्टियों के नेताओं के पक्ष में सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और यह जुबानी जंग थमने के बजाय और बढ़ती नजर आ रही है।
Pls read:Punjab: मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से पहले पंजाब में 84 प्रतिशत मैपिंग पूरी