देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को अपने कैंप कार्यालय में एक भावुक और गरिमामय कार्यक्रम के दौरान दिवंगत उपनल कर्मचारी कविता गुसाईं के परिजनों को सहायता राशि प्रदान की। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के सहयोग से उपनल द्वारा सुनिश्चित की गई 50 लाख रुपये की शेष बीमा राशि का चेक पीड़ित परिवार को सौंपा गया। कार्यक्रम की शुरुआत में दिवंगत कर्मचारी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर गणेश जोशी ने बताया कि उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ एक विशेष समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते के तहत सभी उपनल कर्मचारियों के लिए 50 लाख रुपये का आकस्मिक दुर्घटना बीमा कवर अनिवार्य किया गया है। यदि किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रितों को यह बड़ी राहत राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने जानकारी साझा की कि इस योजना के तहत अब तक कुल 8 पीड़ित परिवारों को यह बीमा सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। मंत्री ने समय पर सहायता प्रदान करने के लिए बैंक अधिकारियों की सराहना भी की।
सैनिक कल्याण मंत्री ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार उपनल कर्मचारियों के हितों के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि भविष्य में इस दुर्घटना बीमा राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रभावित परिवारों को इतनी आर्थिक मजबूती मिले कि वे सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सकें।
यह दुखद घटना पिछले वर्ष 10 जुलाई को घटित हुई थी, जब कविता गुसाईं अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रही थीं। रायपुर-लाडपुर मार्ग पर एक भीषण सड़क दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिसके बाद उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। इस आपदा ने परिवार को गहरा सदमा दिया था, जिसमें यह बीमा राशि एक बड़ा संबल बनकर उभरी है।
चेक वितरण के दौरान दिवंगत कर्मचारी की माता निर्मला देवी के साथ सैन्य और बैंक क्षेत्र के कई उच्चाधिकारी मौजूद रहे। इनमें उपनल के निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेवानिवृत्त), डीजीएम कर्नल राजेश नेगी (सेवानिवृत्त), मेजर हिमांशु रौतेला (सेवानिवृत्त), पीएनबी के जोनल मैनेजर अनुपम, डीजीएम अभिनंदन सिंह और एजीएम चतुर्भुज शामिल थे। परिजनों ने इस समय पर मिली सहायता के लिए सरकार और बैंक का आभार व्यक्त किया।