देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए 59.72 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इन निर्णयों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति, बाढ़ सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे, जिससे राज्य के विभिन्न जनपदों में विकास की गति तेज होगी।
मुख्यमंत्री के इस निर्णय के तहत चम्पावत की तामली ग्राम समूह पंपिंग पेयजल योजना के लिए 14.57 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके साथ ही, ऊखीमठ नगर पंचायत की पेयजल योजना के लिए 25.78 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि को अनुमोदन मिला है। राजधानी देहरादून के हरभजवाला क्षेत्र में आसन नदी के तटों पर पुश्ता निर्माण और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में सुसवा नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए भी करोड़ों की राशि की प्रथम किस्त जारी कर दी गई है।
उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी विकासखंड स्थित झाला गांव में भागीरथी नदी के तट पर सुरक्षा कार्यों के लिए 3.03 करोड़ रुपये की पहली किस्त स्वीकृत की गई है। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए चमोली जिले के ज्योतिर्मठ में वर्ष 2021 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुए पैदल स्टील ट्रस पुल के पुनर्निर्माण हेतु भी बजट आवंटित किया गया है। पिथौरागढ़ के धारचूला और हरिद्वार के मनसा देवी हिल बाईपास मार्ग पर भूस्खलन रोकने हेतु स्लोप प्रोटेक्शन कार्यों के लिए भी शासन ने धनराशि स्वीकृत की है।
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री ने चमोली के भराड़ीसैंण स्थित राजकीय पीएमश्री आदर्श इंटर कॉलेज में पांच नए कक्षों के निर्माण की अपनी पूर्व घोषणा को पूरा करते हुए इसके लिए बजट की अनुमति दी है। नैनीताल जिले के हल्द्वानी और भीमताल क्षेत्र में जमरानी बांध से पेयजल आपूर्ति योजना के लिए भी 1.99 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा देहरादून के डोईवाला और रायपुर क्षेत्रों में बहने वाली नदियों व नालों के किनारे बाढ़ सुरक्षा और सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के बजट का भी अनुमोदन किया। इसमें राजस्व लेखा के लिए 299.18 करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति व जनजाति कल्याण की योजनाओं के लिए विशेष बजट रखा गया है। साथ ही विभाग में लंबे समय से कार्यरत सहायक निदेशक अर्चना और बद्री चंद को उप निदेशक पद पर पदोन्नत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इन स्वीकृतियों से राज्य के सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों को बल मिलेगा।