Uttarakhand: उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए 11733 बीएलओ को मिलेगा मोबाइल रिचार्ज भत्ता

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को डिजिटल माध्यम से अधिक सशक्त और सुगम बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने एक सराहनीय कदम उठाया है। राज्य के सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को फील्ड वर्क के दौरान मोबाइल डेटा की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए आयोग ने उन्हें एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान करने का निर्णय लिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी वी आर सी पुरुषोत्तम की विशेष पहल पर यह आदेश जारी किया गया है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को मिलेगा।

वर्तमान में उत्तराखंड के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कुल 11,733 बीएलओ तैनात हैं। निर्वाचन आयोग के नए निर्देशों के अनुसार, इन सभी बीएलओ को मोबाइल डेटा रिचार्ज के लिए प्रति व्यक्ति 350 रुपये की धनराशि दी जाएगी। इस संबंध में विभाग द्वारा औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। यह पहल विशेष रूप से उन दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां कनेक्टिविटी के साथ-साथ डेटा उपलब्धता सुनिश्चित करना एक चुनौती होती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी वी आर सी पुरुषोत्तम का मानना है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले इन कर्मियों को यदि तकनीकी संसाधन मुहैया कराए जाएं, तो चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता और गति में बड़ा सुधार लाया जा सकता है।

तय कार्यक्रम के अनुसार, उत्तराखंड में एसआईआर की महत्वपूर्ण प्रक्रिया अब अपने निर्णायक चरण में है। 8 जून से लेकर 7 जुलाई तक का समय इस अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण निर्धारित किया गया है। इस एक महीने की अवधि के दौरान सभी बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं से सीधा संपर्क साधेंगे और उन्हें गणना फॉर्म वितरित करेंगे। मतदाताओं द्वारा इन फॉर्मों में अपनी जानकारी भरने और हस्ताक्षर करने के बाद, बीएलओ का अगला और सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य उन्हें वापस प्राप्त करना और फिर उन्हें डिजिटल रूप में परिवर्तित करना होगा।

इस पूरी कवायद का केंद्र “बीएलओ ऐप” है। बीएलओ को प्राप्त होने वाले गणना फॉर्मों को इसी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल रूप में सर्वर पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। चूंकि ऐप पर डेटा अपलोड करने, मतदाताओं की जानकारी दर्ज करने और अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाओं के लिए उच्च गति वाले इंटरनेट और पर्याप्त डेटा की आवश्यकता होती है, इसलिए विभाग ने यह महसूस किया कि कई बार कर्मचारियों को डेटा प्लान समाप्त होने या कम होने की स्थिति में कार्य करने में असुविधा होती है। इसी तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए एक माह के रिचार्ज की धनराशि सीधे कर्मचारियों को मुहैया कराने का फैसला लिया गया है।

निर्वाचन विभाग का यह निर्णय न केवल प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल को भी बढ़ाएगा। जब बीएलओ के पास पर्याप्त डेटा उपलब्ध होगा, तो वे बिना किसी देरी के गणना फॉर्मों को डिजिटलाइज कर सकेंगे, जिससे पूरी मतदाता सूची को समयबद्ध तरीके से अपडेट किया जा सकेगा। 11,733 बीएलओ की यह विशाल टीम अब 8 जून से पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगी, जो निर्वाचन प्रक्रिया की नींव कहे जाने वाली मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में काम करेगी।

प्रशासनिक स्तर पर इस कदम को तकनीक के प्रति निर्वाचन विभाग की संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जब जमीनी स्तर के कार्यकर्ता को आवश्यक संसाधन मिलते हैं, तो कार्य की गुणवत्ता में स्वत: सुधार होता है। इस भुगतान के साथ ही विभाग ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आगामी एक माह तक चलने वाले इस महाअभियान में कोई भी तकनीकी कमी आड़े न आए। 7 जुलाई तक चलने वाले इस फॉर्म वितरण और संकलन कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अब सभी जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बीएलओ को इस नई सुविधा के बारे में अवगत करा दिया गया है।

 

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