Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर की 235 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का किया शिलान्यास

हरिद्वार, 21 जुलाई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत 235 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड के माध्यम से संचालित यह कॉरिडोर राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य हरिद्वार आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना और शहर के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाना है। प्रथम चरण में चार प्रमुख परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया गया है, जो हरिद्वार के आध्यात्मिक स्वरूप को नया विस्तार प्रदान करेंगी।


चार बड़ी परियोजनाओं का भूमिपूजन और बजट विवरण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर 213 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में प्रशासनिक मार्ग निर्माण के लिए 43.25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो क्षेत्र में सुगम आवाजाही सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार की पहचान माने जाने वाले ‘हर की पैड़ी’ और सुभाष घाट के पुनरुद्धार के लिए 66.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना के विकास हेतु 66.34 करोड़ रुपये तथा रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के कायाकल्प और पुनरुद्धार के लिए 58.34 करोड़ रुपये की लागत वाली योजनाएं शामिल हैं।


विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी बनाने का संकल्प
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन परियोजनाओं का मुख्य ध्येय हरिद्वार को एक ऐसी विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करना है, जहां प्राचीन परंपराओं और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इन विकास कार्यों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों के दौरान गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। यह कॉरिडोर केवल कंक्रीट का निर्माण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा को समर्पित एक आधुनिक ढांचा होगा।


कुंभ मेले की तैयारी और स्थानीय रोजगार के अवसर
आने वाले महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार के घाटों, पुलों, संपर्क मार्गों और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा कॉरिडोर के साथ-साथ अन्य धार्मिक और पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए संपर्क मार्गों का जाल बिछाया जा रहा है, ताकि कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण और आवागमन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।


धार्मिक पर्यटन से इतर समग्र विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि उत्तराखंड सरकार हरिद्वार के विकास को केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रख रही है। सरकार का विजन हरिद्वार को शिक्षा, स्वास्थ्य और अत्याधुनिक नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में भी अग्रणी बनाना है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की इस गति को भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ जारी रखा जाएगा। गंगा कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य हरिद्वार के प्राचीन वैभव को सुरक्षित रखते हुए इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। सरकार का मानना है कि इन बुनियादी सुधारों से हरिद्वार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बनेगी और यह वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

 

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