Uttarakhand: पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ा उत्तराखंड चार साल के कार्यकाल में रचे विकास के नए कीर्तिमान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार के चार वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित ‘4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस ऐतिहासिक मौके पर उन्होंने राज्य के विकास के लिए कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। धामी ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चार साल पहले उत्तराखंड की जनता ने सभी राजनीतिक मिथकों को तोड़कर उन्हें दोबारा सेवा का अवसर दिया था। उन्होंने कहा कि आज देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का उनका संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। धामी ने बताया कि सरकार इसी विजन पर काम कर रही है। पिछले चार वर्षों में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों का जीवन स्तर ऊंचा उठाया गया है। राज्य ने जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलनों और राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की है। पहली बार आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 3.76 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतारा जा चुका है।

आर्थिक प्रगति का ब्यौरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान 20 हजार नए उद्योग स्थापित हुए और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1750 पहुंच गई। महिला सशक्तिकरण की दिशा में 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनी हैं और रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत का सुधार हुआ है।

राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की पहचान मजबूत हुई है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर रहा है। राज्य को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। खनन सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को देशभर में दूसरा स्थान देते हुए 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया है। साथ ही, उत्तराखंड लगातार ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ बना हुआ है।

युवाओं के भविष्य पर धामी ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और सख्त नकल विरोधी कानून के कारण साढ़े चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। भ्रष्टाचार और नकल माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। देवभूमि के सांस्कृतिक स्वरूप को बचाने के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। प्रशासन ने 12 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जुलाई से सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड का पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

इस भव्य समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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