देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित ऐतिहासिक और सामरिक महत्व के संस्थान ‘सर्वे ऑफ इंडिया’ के मुख्यालय को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब केंद्र सरकार ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस प्रतिष्ठित संस्थान के स्थानांतरण को रोकने के लिए किए गए प्रभावी प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सर्वे ऑफ इंडिया के मुख्यालय को देहरादून से किसी अन्य स्थान पर भेजने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है और न ही इस संबंध में किसी भी प्रस्ताव को प्रशासनिक स्तर पर मंजूरी प्रदान की गई है।
इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से विशेष संपर्क साधा था। उन्होंने केंद्र सरकार से जोरदार अनुरोध किया था कि सर्वे ऑफ इंडिया का देहरादून के साथ एक लंबा और अटूट ऐतिहासिक संबंध रहा है, इसलिए इसे यहाँ से हटाना उचित नहीं होगा। मुख्यमंत्री की इस चिंता और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने एक आधिकारिक पत्र प्रेषित कर स्थिति स्पष्ट की है।
जितेंद्र सिंह ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सर्वे ऑफ इंडिया के मुख्यालय को देहरादून से अन्यत्र स्थानांतरित करने संबंधी किसी भी प्रस्ताव को अब तक स्वीकृति नहीं दी गई है। केंद्र सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद उन सभी चर्चाओं और संशयों का अंत हो गया है, जिनमें मुख्यालय को राज्य से बाहर ले जाने की बात कही जा रही थी।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में न केवल संस्थान के प्रशासनिक महत्व का जिक्र किया था, बल्कि इसके ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और सामरिक पहलुओं को भी प्रमुखता से रखा था। उन्होंने केंद्र को अवगत कराया कि यह संस्थान देश की मानचित्रण और सर्वेक्षण संबंधी महत्वपूर्ण गतिविधियों का मुख्य केंद्र है और दशकों से देहरादून की विशिष्ट पहचान का हिस्सा रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए इन तार्किक विषयों की सराहना की है। उन्होंने अपने पत्र में इस बात का विशेष उल्लेख किया कि धामी द्वारा व्यक्त की गई चिंताएं संस्थान के गौरवशाली इतिहास और उसकी सामरिक महत्ता को दर्शाती हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
सर्वे ऑफ इंडिया का मुख्यालय देहरादून में ही बनाए रखने का निर्णय उत्तराखंड के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है। पिछले कुछ समय से इसके स्थानांतरण की खबरों से कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों में काफी बेचैनी थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समयबद्ध और व्यक्तिगत हस्तक्षेप ने न केवल एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संस्थान को राज्य से बाहर जाने से बचाया है, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच प्रगाढ़ समन्वय का एक और उदाहरण भी पेश किया है। अब यह तय हो गया है कि यह प्रतिष्ठित संस्थान भविष्य में भी देहरादून की गौरवशाली विरासत का हिस्सा बना रहेगा।
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